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पालमपुर में शांता की अंतिम अरदास भी ना आई काम,जयराम ठाकुर की मंडी में BJP की बड़ी जीत
Municipal Corporation Result : हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगमों—मंडी, सोलन, धर्मशाला और पालमपुर—के चुनावी नतीजों ने राज्य की राजनीति की तस्वीर साफ कर दी है। सत्ता में होने के बावजूद कांग्रेस को इन चुनावों में करारा झटका लगा है,जबकि बीजेपी ने जबरदस्त वापसी करते हुए अपना अपर हैंड साबित किया है। बीजेपी ने 4 में से 3 नगर निगमों में जीत का परचम लहराया है, वहीं कांग्रेस केवल पालमपुर में अपनी लाज बचाने में सफल रही है। पालमपुर में विधायक आशीष बुटेल ने अपने रसूख के चलते कांग्रेस की नाक कटवाने से ना केवल बचाई बल्कि बड़ी जीत दर्ज करवाई है। पालमपुर में बीजेपी के अगुवा बनकर सामने आए पूर्व सीएम शांता कुमार की अंतिम अरदास भी वोटरों के सामने काम नहीं आई,वोटरों ने उन्हें नकार पर ही बैठे रहने की सलाह दी है।
जयराम ठाकुर ने सरकार को दिखाया आईना
मंडी नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक और एकतरफा जीत दर्ज की है। कुल 14 सीटों में से 12 सीटों पर कमल खिलाकर बीजेपी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह क्षेत्र अभी भी पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का मजबूत गढ़ है। इस जीत को सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के लिए एक बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
डॉ. बिंदल की रणनीति के आगे पस्त हुई कांग्रेस
सोलन में चुनावी नतीजे कांग्रेस के लिए सबसे ज्यादा निराशाजनक रहे। यहां सुक्खू सरकार में कद्दावर मंत्री धनीराम शांडिल्य का प्रभाव पूरी तरह से नाकाम साबित हुआ। दूसरी ओर, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल की चुनावी बिसात ने कमाल कर दिया। कुल 17 सीटों में से 11 सीटों पर बीजेपी ने कब्जा जमाया है, जबकि कांग्रेस मात्र 5 सीटों पर सिमट कर रह गई। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने बाजी मारी है।
सुधीर शर्मा ने बरकरार रखा अपना ‘जलवा’
धर्मशाला नगर निगम चुनाव में राज्य सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन बीजेपी विधायक सुधीर शर्मा ने अपनी मजबूत पकड़ का अहसास कराया। उन्होंने कांग्रेस के तमाम प्रयासों पर पानी फेरते हुए एक-एक कर कांग्रेस प्रत्याशियों को मात दी और क्षेत्र में अपना राजनीतिक वर्चस्व सिद्ध किया।
आशीष बुटेल बने कांग्रेस के तारणहार
चारों नगर निगमों में पालमपुर ही एकमात्र ऐसा क्षेत्र रहा जहां कांग्रेस को राहत मिली। यहां कांग्रेस विधायक आशीष बुटेल ने अपने व्यक्तिगत रसूख के दम पर पार्टी की नाक कटने से बचा ली और एक बड़ी जीत सुनिश्चित की। वहीं, बीजेपी के लिए यह परिणाम निराशाजनक रहा। पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व सीएम शांता कुमार की भावुक अपील (अंतिम अरदास) को भी मतदाताओं ने नकार दिया और बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा।
हिमाचल की राजनीति में एक नया मोड़
इन नगर निगम चुनावों ने हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। जहां बीजेपी ने अपने संगठनात्मक कौशल और मजबूत चेहरों के दम पर तीन बड़े शहरों में जीत हासिल की है, वहीं सत्ताधारी कांग्रेस के लिए यह नतीजे आत्ममंथन का विषय बन गए हैं।
-पंकज शर्मा

