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ना पांव में जूते और ना गर्म कपड़े, सड़कों पर भीख मांगने को मजबूर दो मासूम
नितेश सैनी/सुंदरनगर। बाजारों और सड़कों पर भीख मांगने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात करने वाला सुंदर प्रशासन और पुलिस अभी तक फिसड्डी साबित हुआ है। सुंदरनगर के बीएसएल पुलिस थाना (BSL Police Station) के तहत नरेश चौक में पिछले दो महीने से छोटी-छोटी प्रवासी बच्चियां (Migrant Girls) सड़क पर भीख मांगने को मजबूर है लेकिन प्रशासन अभी तक इनके परिवार के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं कर पाया। कड़कड़ाती ठंड में बच्चियों के पांव में ना जूते हैं और ना ही तन पर ओढ़ने के लिए गर्म कपड़े। स्थानीय लोगों का कहना है दोनों बच्चियों की उम्र लगभग 4 से 5 वर्ष के बीच है और इनके परिवार द्वारा इनसे जबरन (Forcibly) भीख मंगवाई जा रही है।
परिवार वालों का चौंकाने वाला जवाब
भीख मांगने के लिए दोनों बच्चियां सड़क के इधर-उधर भागती हैं जिस कारण कभी भी कोई दुर्घटना (Accident) पेश आ सकती है। इसमें एक बच्ची मानसिक तौर पर विकलांग है। बच्चियों के पांव में ना जूते हैं ना तन पर भारी सर्दी में ओढ़ने के गर्म कपड़े हैं। ठंड के कारण दोनों बच्चियों के साथ कोई अनहोनी घट सकती है। स्थानीय लोगों ने जब परिवार के सदस्यों से इस बारे में बातचीत की तो उनका हैरानी भरा जवाब मिला की यह हमारे बच्चे है इनसे हम भीख मंगवाए या ना मंगवाए यह हमारा व्यक्तिगत मामला हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इनके माता-पिता इनका पालन पोषण नहीं कर सकते तो इन्हें किसी आश्रम में रखा जाए ताकि इनका भविष्य खराब ना हो।
भीख मांगना कानूनी अपराध
वहीं, इस बारे में जब उपमंडल अधिकारी सुंदरनगर (Sub Divisional Officer Sundernagar) गिरीश समरा से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा भीख मांगना कानूनी अपराध है। BSL पुलिस थाना की टीम को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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