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बीमारियों का अड्डा बन गया रक्कड़ कालोनी में बना नाला, घरों के अंदर फैली बदबू और मच्छर
ऊना। जिला मुख्यालय से सटी रक्कड़ कॉलोनी वर्तमान समय में बीमारियों का अड्डा बन कर रह चुकी है। हालत यह है कि हिमुडा कॉलोनी और निजी घरों के बीच कई साल से खुले छोड़े गए गंदे पानी के नाले से लोगों को अब घर के बाहर ही नहीं बल्कि अंदर भी जीना दूभर कर रहा है। बदबू और मच्छरों के साम्राज्य के चलते लोगों में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ चुका है। कॉलोनी के इस गंदे नाले के कारण लोगों को खाना बनाने और खाना खाने तक की समय में बदलाव करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
समस्या के समाधान के लिए लगा चुके हैं गुहार
इस नाले के नजदीक रहने वाले लोग अपनी इस समस्या को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर सरकार के नुमाइंदों तक कई सालों से आवाज उठाते आ रहे हैं लेकिन उनकी इस समस्या पर न तो किसी अधिकारी ने गौर फरमाया और ना ही उनकी दयनीय हालत पर किसी नेता को तरस आया। लोगों ने दो टूक शब्दों में चेताया है कि यदि अब भी इस मामले पर सरकार और प्रशासन का रवैया ढुलमुल रहा तो उन्हें सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ेगा। दूसरी तरफ हिमुडा के अधिकारियों का कहना है कि लोगों के असहयोग के कारण ही समस्या बढ़ती जा रही है हालांकि हिमुडा इस गंदे नाले को पूरी तरह से सुरक्षित करते हुए लोगों को राहत प्रदान करने के लिए कई बार खाका तैयार कर चुका है।

हिमुडा के सीवरेज वाले पानी के खुला छोड़ने के कारण पेश आई दिक्कत
स्थानीय निवासियों ने बताया कि हिमुडा के सीवरेज वाले पानी के खुला छोड़े जाने के कारण उनकी दिनचर्या बुरी तरह से प्रभावित हो चुकी है। सुबह सवेरे घरों के अंदर खाना पकाना किसीआफत से कम नहीं है, जिसके चलते लोगों को करीब सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक बदबू कम होने का इंतजार करना पड़ता है तभी लोग खाना पका और खा पाते हैं। लोगों का कहना है कि करीब 30 साल से इस नाले को खुला छोड़ा गया है, हालांकि पहले यहां पर दो टैंक बनाए गए थे लेकिन अब वह दोनों टैंक भी ओवरफ्लो का शिकार होते जा रहे हैं।
जमीनों के मालिक सहयोग नहीं देते
वहीं हिमुडा के सहायक अभियंता विपिन शर्मा का कहना है कि स्थानीय लोगों की समस्या हिमुडा के ध्यान में है हालांकि इसके निपटारे के लिए पहले भी प्रयास किए गए हैं लेकिन साथ लगती जमीनों के मालिक सहयोग नहीं देते हैं यही कारण है कि आज दिन तक इस नाले के पानी का निपटान सुरक्षित तरीके से नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय ग्राम पंचायत के साथ-साथ प्रशासन को इसी कड़ी में जोड़कर इस समस्या का निपटारा करने का प्रयास किया जाएगा ताकि लोगों को इस समस्या से छुटकारा दिलाया जा सके।
