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आनी में भयंकर भूस्खलन: सेब के बाग़ीचे तबाह, कई रिहायशी मकान खतरे की जद में
Himachal Weather: समूचे प्रदेश भर में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही वर्षा से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जिला कुल्लू के उपमंडल आनी में भी वर्षा ने सामान्य जीवन को प्रभावित किया है। यहां रविवार रात्रि से लगातार हो रही भारी से जगह जगह भूस्खलन होने की सूचनाएं मिली हैं। भारी वर्षा से आनी को कुल्लू से जोड़ने वाला एनएच 305 सैंज लूहरी ओट मार्ग बानिगाड़ व टापरी के समीप भूस्खलन से अवरुद्ध हो गया है, जिससे कुल्लू की ओर जाने आने वाले वाहनों के लिए मार्ग फिलहाल बाधित है।
बालीओल में पहाड़ी दरक गई
आनी-गुगरा सड़क पर बालीओल में पहाड़ी दरक गई। इससे बड़ी मात्रा में मलबा नीचे सड़क से होते हुए नाले में चला गया। मलबे के साथ कई पेड़ भी जड़ से उखड़ गए। इस खौफनाक मंजर को देखकर लोग सहम गए। भूस्खलन के बाद सड़क बंद हो गई है। सामने मौजूद गांव से लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया जो अब वायरल हो रहा है।जबकि भूस्खलन से कई रिहायशी मकान खतरे की जद में आ गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोग पुरी तरह से सहम उठे हैं। भारी वर्षा से आनी क्षेत्र के नदी नाले भी उफान पर हैं। नदी में बाढ़ आने से जगह जगह लगे कई पैदल पुल भी बाढ़ की चपेट में आने से वह गए हैं। जिससे लोगों को आर पार जाने आने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई ग्रामीण सड़कें भी अवरुद्ध
वर्षा से आनी क्षेत्र में कई ग्रामीण सड़कें भी अवरुद्ध हुई हैं, जिससे लोगों को आवागमन में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीण सड़कें अवरुद्ध होने से यहां सेब सीजन भी प्रभावित हुआ है ।बागबान सड़क मार्ग बंद होने से अपनी पैदावार को समय पर मंडियों तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।वहीं लोक निर्माण विभाग ने ग्रामीण सड़कों को जल्द बहाल करने का भरोसा दिलाया है।
बेवजह अपने घरों से बाहर ना निकले
वहीं एसडीएम आनी लक्ष्मण कनेट ने भारी वर्षा के चलते लोगों से बेवजह अपने घरों से बाहर ना निकलने और नदी नालों के किनारे ना जाने की अपील है । उन्होंने भारी वर्षा के मद्देनजर आनी क्षेत्र के सभी स्कूल, कॉलेज, आंगनबाड़ी केंद्र, आईटीआई सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों को एक दिन के लिए पूर्णतया बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं।उन्होंने वाहन चालकों से भी वाहन चलाते समय एहतियात के तौर पर पूरी सावधानी बरतने की अपील है।उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है।
छविंद्र शर्मा

