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शिमला-धर्मशाला हाईवे पर फिर लैंडस्लाइड: HRTC बस बाल-बाल बची, IMD का 6 दिनों तक अलर्ट
Himachal landslide: हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिमला-धर्मशाला नेशनल हाईवे पर भराड़ीघाट के पास गुरुवार रात एक बड़ा भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हो गया। इस दौरान सवारियों से भरी हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। लैंडस्लाइड के कारण हाईवे पर मलबे का ढेर लग गया है, जिससे सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। गौर करने वाली बात यह है कि ठीक तीन दिन पहले भी इसी जगह पर भारी चट्टानें गिरी थीं, जिसकी चपेट में आने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि उसकी पत्नी और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
अगले 6 दिन सतर्क रहने की सलाह, वेस्टर्न डिस्टरबेंस होगा सक्रिय
मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में लगातार खराब मौसम को देखते हुए अगले छह दिनों तक लोगों और पर्यटकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।आज की स्थिति: मंडी और सिरमौर जिले में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है। वहीं ऊना, बिलासपुर, चंबा और कांगड़ा जिलों में यलो अलर्ट लागू है। बीती रात भी कांगड़ा में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) पर छह जिलों—बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर में यलो अलर्ट रहेगा।
17-18 अगस्त को भारी बारिश की आशंका
16 अगस्त को कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और राजधानी शिमला में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।17 अगस्त से राज्य में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक बार फिर मजबूत होकर असर दिखाएगा। IMD ने 17 और 18 अगस्त को कई इलाकों में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 17 अगस्त को सिरमौर, कांगड़ा और ऊना में ऑरेंज अलर्ट, जबकि चंबा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सोलन जिलों में यलो अलर्ट रहेगा। प्रशासन की अपील है कि लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचें। यात्रा पर निकलने से पहले रास्तों की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें।
