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हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से: 10 बैठकों में गूंजेंगे जनता के मुद्दे, प्रश्न आने शुरू
Monsoon Session of Himachal Vidhansabha: हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र आगामी 21 अगस्त से 3 सितंबर तक आयोजित होने जा रहा है। इस दौरान कुल 10 बैठकें आयोजित की जाएंगी। सत्र को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से चलाने के लिए शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सुरक्षा, मानसून से हुए नुकसान, पेपर लीक और आगामी मानसून सत्र से जुड़ी जानकारी साझा की।
रक्षा व्यवस्था और सत्र की तैयारियां
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सत्र से पहले कानून-व्यवस्था की समीक्षा करना एक नियमित प्रक्रिया है।अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मंत्रियों, विधायकों, मीडिया कर्मियों और कार्यवाही देखने आने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
यदि कोई संगठन प्रदर्शन करता है, तो भी कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए जरूरी फैसले लिए जाएंगे ताकि सदन की कार्यवाही बाधित न हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि पिछले सत्रों की तरह इस बार भी माहौल शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रहेगा।
प्रश्न और नोटिस आने शुरू
मानसून सत्र के लिए विधायकों की ओर से प्रश्न और विभिन्न नियमों के तहत नोटिस आने शुरू हो गए हैं। नियम 61, 62 और 130 के तहत मिले नोटिस सरकार को भेज दिए गए हैं ।20 अगस्त के आसपास तारांकित-अतारांकित प्रश्नों और चर्चा के प्रमुख विषयों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
चंबा में भारी बारिश से नुकसान और राहत कार्य
अपने गृह जिले चंबा में मानसून के प्रकोप पर चिंता व्यक्त करते हुए कुलदीप सिंह पठानिया ने कहावर्ष 2023 और 2025 की तरह इस बार भी भारी बारिश से चंबा सहित कई जिलों को भारी नुकसान पहुंचा है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया है और आगे भी दौरा करेंगे।लोक निर्माण विभाग (PWD) को मशीनरी तैनात कर क्षतिग्रस्त सड़कों को तुरंत खोलने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकांश प्रभावित सड़कें एक-दो घंटे के भीतर बहाल की जा रही हैं।
पेपर लीक पर कड़ी कार्रवाई की मांग
हालिया पेपर लीक घटनाओं पर दुख जताते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने इसे “बेहद शर्मनाक और दुखद” बताया। उन्होंने कहा पेपर लीक से दिन-रात मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों का विश्वास टूटता है। शासन और प्रशासन में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। इस अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए और सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।विधानसभा अध्यक्ष ने प्रदेशवासियों को 79वें स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने बताया कि वह इस बार बिलासपुर में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होंगे। उन्होंने सभी से स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।
संजू चौधरी
