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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बोले: सीएजी की सलाह को गंभीरता से लें राज्य

बोले नागरिकों की सुविधा के लिए सरकारी प्रक्रियाएं तेजी से हो रही डिजिटल

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बोले: सीएजी की सलाह को गंभीरता से लें राज्य

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शिमला। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकारें भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) जैसी संस्था द्वारा दी गई सलाह को गंभीरता से लें, जिसका सार्वजनिक सेवा वितरण मानकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यहां राष्ट्रीय लेखा परीक्षा और लेखा अकादमी (National Academy of Audit and Accounts) में भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा के अधिकारियों के समापन समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 18 महीने देश के लिए बहुत कठिन रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण अर्थव्यवस्था बुरी तरह से बाधित हुई। सरकार ने संकट को कम करने और गरीबों के कल्याण के लिए विभिन्न वित्तीय उपाय किए हैं। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद शनिवार को शिमला में राष्ट्रीय लेखा परीक्षा तथा लेखा अकादमी द्वारा आयोजित भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा सेवाएं बैच 2018 और 2019 के प्रशिक्षु अधिकारियों के विदाई समारोह के अवसर पर मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए।

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राष्ट्रपति ने सम्मानित किए मेधावी

समारोह के दौरान 2018 और 2019 बैच के 38 अधिकारी प्रशिक्षुओं को राष्ट्रपति कोविंद, राज्य के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, सीएम जय राम ठाकुर, भारत के सीएजी गिरीश चंद्र मुर्मू सहित अन्य व्यक्तियों की उपस्थिति में प्रेरण प्रशिक्षण पूर्णता प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति ने मेधावी प्रशिक्षु अधिकारियों (Meritorious Trainee Officers) को पद्क प्रदान किए। शिमला में राष्ट्रीय लेखा परीक्षा और लेखा अकादमी भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा विभाग का शीर्ष प्रशिक्षण संस्थान है।

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तेजी से डिजिटल हो रही सरकारी प्रक्रियाएं

राज्यों और कार्यान्वयन निकायों से परामर्श करके योजना कार्यान्वयन में अधिक लचीलेपन का समर्थन करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि इससे कार्यक्रम के परिणामों में सुधार होने की संभावना है। हालांकि, इसके साथ स्थानीय शासन स्तरों पर मजबूत वित्तीय रिपोटिर्ंग और जवाबदेही ढांचे की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुविधा के लिए सरकारी प्रक्रियाएं तेजी से डिजिटल होती जा रही हैं। तेजी से फैलती प्रौद्योगिकी सीमा ने राज्य और नागरिकों के बीच की दूरी को कम कर दिया है। उन्होंने कहा कि “प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से, पैसा कंप्यूटर बटन के पुश पर देश के सबसे दूरस्थ कोने में सबसे गरीब नागरिक तक पहुंच सकता है”।

–आईएएनएस

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