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टैम्पो ट्रैवलर पर टैक्स को लेकर झुकी सरकार, बॉर्डर सील करने का ऐलान वापस
शिमला। बाहरी राज्यों के टैंपो ट्रैवलर (Tempo Travelers OF Other States) पर हिमाचल सरकार के टैक्स लगाने के फैसले पर सरकार पुनर्विचार (Review) करने को तैयार हो गई है। पंजाब टैक्सी यूनियन ने इस दोहरे कराधान (Double Taxation) का विरोध करते हुए 15 अक्तूबर से हिमाचल का बॉर्डर सील (Border Seal) करने की धमकी दी थी। शुक्रवार को सचिवालय में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री की आजाद टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधियों के बीच बैठक में सहमति बनते ही बॉर्डर सील करने के ऐलान को वापस ले लिया गया है। पंजाब टैक्सी यूनियन का तर्क था कि वे केंद्र सरकार को हर साल टैक्स देते हैं। ऐसे में हिमाचल सरकार उनसे दोहरा टैक्स ले रही है, जो असंगत है।
बैठक के बाद डिप्टी सीएम मुकेश ने कहा कि बाहरी राज्यो से काफी ज्यादा बसें हिमाचल आती हैं और बिना टैक्स दिए सवारियां लेकर जाती हैं। इसको देखते हुए उन पर टैक्स लगाया गया है। साथ ही टैंपो ट्रैवलर पर भी टैक्स लगाया है। बाहरी राज्यों के टैक्सी यूनियन इसका विरोध कर रहे हैं। आज उनसे बात हुई है और टैक्स कम करने पर जल्द फैसला लिया जाएगा।

केंद्र और राज्य को देते हैं टैक्स: कलसी
उधर, पंजाब के आजाद टैक्सी यूनियन (Azad Taxi Union Punjab) के अध्यक्ष शरनजीत कलसी ने कहा कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली के टैक्सी यूनियन ने टैक्स के विरोध में 15 अक्टूबर को हिमाचल की सीमाओं को सील करने का ऐलान किया था। हिमाचल सरकार ने टैक्स बिल संशोधन कर टैम्पो ट्रैवलर पर अलग से टैक्स लगाया है, जो कि सही नहीं है। ऑल इंडिया परमिट गाड़ियों के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय को हर साल 80 हजार रुपए का टैक्स चुकाया जाता है। साथ में पंजाब पंजाब सरकार को भी टैक्स दिया जाता है। अब हिमाचल भी उन पर टैक्स थोप रहा है, जबकि सेंटर मोटर व्हीकल एक्ट (Central Motor Vehicle Act) के अंदर दोहरे कराधान का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम ने इस फैसले को वापिस लेने का आश्वासन दिया है। इसे देखते हुए फिलहाल 15 अक्टूबर को हिमाचल की सीमाओं को सील नहीं किया जाएगा।
