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कुल्लू में बारिश का तांडव: आनी में कारों पर गिरा मलबा-पत्थर, मंडी-कुल्लू हाईवे समेत कई मार्ग ठप
Kullu landslide: कुल्लू जिले में बीती रात से हो रही लगातार बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मूसलाधार बारिश के चलते जिले के कई हिस्सों में पहाड़ियों से मलबा, भारी-भरकम चट्टानें गिरने और भूस्खलन होने से भारी तबाही की खबर है। हादसों में जहाँ कई वाहन मलबे की चपेट में आ गए, वहीं मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) समेत कई संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं।

आनी में चलती कार पर गिरा मलबा, 2 लोग घायल
आनी उपमंडल में भूस्खलन की दो अलग-अलग घटनाएँ सामने आई हैं। पहली घटना किरण बाजार-बराड़ के बीच नेशनल हाईवे 305 पर हुई, जहाँ बारिश के दौरान अचानक पहाड़ी से दरका मलबा एक चलती कार पर जा गिरा। हादसे में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार दो लोग मलबे में फंस गए। राहगीरों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत बाहर निकालकर आनी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। वहीं दूसरी घटना आनी के नए बस अड्डे के पास हुई। यहाँ सड़क किनारे खड़ी एक टैक्सी पर पहाड़ी से एक विशाल चट्टान आ गिरी। हादसे में कार को नुकसान पहुँचा ।
सैंज घाटी में बिगड़े हालात, 11 मकानों पर मंडराया खतरा
बारिश के कारण सैंज घाटी में भी स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। न्यूली-सैंज मार्ग पर सिउंड के पास भूस्खलन हुआ है । बकशाहल गांव में सड़क का पानी रिहाइशी इलाके में घुस गया है, जिससे लगभग 11 घरों पर भूस्खलन का सीधा खतरा मंडराने लगा है। घाटी के कई अन्य संपर्क मार्ग भी मलबे की वजह से बंद पड़े हैं।
मंडी-कुल्लू हाईवे पर झलोगी के पास आवाजाही ठप, लगीं लंबी कतारें
मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पर झलोगी के पास मंगलवार सुबह करीब 7 बजे से ही यातायात पूरी तरह बाधित है। पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से हनोगी टनल, पंडोह डैम और मंडी की तरफ वाहनों को रोक दिया है। हाईवे बंद होने के कारण सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं।प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पहाड़ी से रुक-रुक कर गिर रहे पत्थरों के कारण फिलहाल मलबा हटाने का काम शुरू नहीं किया जा सका है। बारिश थमने और स्थिति के सुरक्षित होने के बाद ही मशीनरी लगाकर मार्ग को बहाल करने का कार्य शुरू किया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अति आवश्यक होने पर ही यात्रा करने और नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
अनु गुप्ता, छविंद्र
