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CCTV के पहरे में होंगे एग्जाम, HPBOSE ने जारी किए सुरक्षा निर्देश-6 माह तक सुरक्षित रखनी होगी फुटेज
HPBOSE: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) ने 16 सितंबर, 2026 से शुरू होने वाली राज्य मुक्त विद्यालय (SOS) की परीक्षाओं को लेकर कमर कस ली है। परीक्षाओं को पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और नकल-विहीन बनाने के लिए बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कड़े सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। इस बार परीक्षा केंद्रों की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर CCTV कैमरों और लाइव मॉनिटरिंग के जरिए सीधी नजर रखी जाएगी। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि परीक्षा की गोपनीयता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
ऑडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था भी करनी होगी
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सभी परीक्षा केंद्रों के हॉल, कमरों के साथ-साथ प्रवेश और निकास द्वारों पर चालू हालत में CCTV कैमरे होने चाहिए। कैमरों की कवरेज इतनी पुख्ता होनी चाहिए कि पूरे परिसर की निगरानी हो सके। जहां तक संभव हो, वीडियो के साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था भी करनी होगी। इसके अलावा, लाइव मॉनिटरिंग को निर्बाध बनाने के लिए स्थिर इंटरनेट कनेक्टिविटी और आवश्यकतानुसार स्टैटिक आईपी (Static IP) की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गोपनीय परीक्षा सामग्री और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए विशेष मानक तय किए गए हैं। यह सामग्री केवल CCTV की निगरानी वाले विशेष कमरों में रखी जाएगी। इन कमरों में डबल लॉक वाली स्टील या लोहे की अलमारी का ही इस्तेमाल होगा और वहां केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति मिलेगी।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा केंद्रों को पूरी परीक्षा की CCTV फुटेज कम से कम छह महीने तक अपने पास सुरक्षित रखनी होगी। इसके लिए स्कूलों को पर्याप्त स्टोरेज का इंतजाम पहले ही करना होगा। किसी भी तकनीकी या नेटवर्क खराबी की स्थिति में बिना किसी देरी के बोर्ड को सूचित कर उसका तुरंत समाधान करना होगा। परीक्षा से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां निर्धारित प्रक्रिया के तहत ‘एग्जाम मित्रा ऐप’ (Exam Mitra App) के माध्यम से बोर्ड को भेजनी होंगी।
फुटेज को डिलीट करना या छेड़छाड़ करना गंभीर अनियमितता
डॉ. शर्मा ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि परीक्षा के दौरान CCTV कैमरों को जानबूझकर बंद करना, फुटेज को डिलीट करना या उससे छेड़छाड़ करना गंभीर अनियमितता मानी जाएगी। परीक्षा की पूरी मॉनिटरिंग, रिकॉर्डिंग और व्यवस्थाओं को सुचारू रखने की संयुक्त जिम्मेदारी संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य/मुख्याध्यापक और नामित IT इनविजिलेटर (IT Invigilator) की होगी। यदि सुरक्षा से जुड़ा कोई भी नियम टूटता है, तो इनकी जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बोर्ड ने सभी केंद्रों को परीक्षा से पहले अपनी व्यवस्थाओं का फाइनल ट्रायल करने के निर्देश दिए हैं।
अमित महाजन
