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बालों में कलर करवाकर स्कूल पहुंचा छात्र, Teacher बोले – दूसरे बच्चों के साथ नहीं बैठ सकता

किशोर ने बालों पर करवा लिया था ब्लू और पिंक कलर का डाई

बालों में कलर करवाकर स्कूल पहुंचा छात्र, Teacher बोले – दूसरे बच्चों के साथ नहीं बैठ सकता

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कोरोना की वजह से दुनिया भर में स्कूल बंद रहे जिस वजह से बच्चों की लाइफस्टाइल (Lifestyle) पर काफी असर पड़ा। घर पर ही पढ़ाई करने की वजह से उनको कई तरह की आजादी मिल गई जो स्कूल में नहीं मिल पाती थी। अब जब सब फिर से शुरू हो गया है तो काफी बच्चों को परेशानी भी आई। इसी तरह की परेशानी आई 15 साल के एक किशोर को। इंग्लैंड में कई महीनों के बाद कुछ शहरों में स्कूल खोले गए हैं। ऐसे में 15 साल का जैकब ली-स्टोक्स जब स्कूल पहुंचा तो अपने हेयर स्टाइल (Hair style) की वजह सुर्खियों में आ गया। जैकब ने अपने बालों को ब्लू और पिंक कलर से डाई करवा लिया था। लेकिन उसके अजीबोगरीब प्रयोगों ने उसके बालों को काफी खराब कर दिया था। जब स्कूल प्रशासन ने जैकब के बालों को देखा तो उसे कह दिया गया कि वो स्कूल में अकेला काम करेगा और क्लास के बाकी स्टूडेंट्स से दूरी बनाकर रखेगा।

लॉकडाउन (Lockdown) के चलते कई महीने घर पर पढ़ाई करने के बाद जब जैकब लिंकनशायर की हम्बरस्टोन एकेडमी आया तो उसे देखकर टीचर्स ने कह दिया कि वो दूसरे बच्चों के साथ घुल-मिल नहीं सकता है। जैकब ने सारा दिन अपना स्कूल का सारा काम अकेले करते हुए ही बिताया। जैकब की मां को जब ये पता चला तो वह हैरान रह गईं। उन्होंने स्कूल में शिकायत दर्ज कराई कि लॉकडाउन के चलते वह जैकब के बाल ठीक करवाने नाई की दुकान पर नहीं जा सकती हैं तो स्कूल प्रशासन का कहना था कि जैकब को गंजा भी कराया जा सकता है।

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जैकब की मां जेमा लीनिंग ने बताया कि स्कूल में कई स्टूडेंट्स हैं जिनके डाई बाल हैं। कई महीनों तक घर से पढ़ाई करने के बाद मेरा बेटा पर स्कूल पहुंचा था और मुझे सुबह ही कॉल आ गया था कि आपके बेटे को स्कूल में अकेले पढ़ने के लिए कहा गया है और उसे कहा गया है कि वो बाकी बच्चों के साथ ना घुले-मिले। उन्होंने आगे कहा- मैं स्कूल की पॉलिसी समझ सकती हूं और सामान्य हालातों में मैं जैकब को हेयरड्रेसर के पास लेकर जाती, लेकिन लॉकडाउन के चलते मेरे पास ये ऑप्शन नहीं था। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा शांत स्वभाव का स्टूडेंट है और वो किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता है। वो पढ़ाई में भी अच्छा परफॉर्म करता है। हालांकि अभी ये पता नहीं चला है कि स्कूल प्रशासन ने इसके आगे क्या फैसला लिया लेकिन उनके इस रवैये ने इस किशोर का दिल जरूर तोड़ा।

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