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भारत का ऐसा मंदिर जहां होती है संतान सुख की प्राप्ति, लगता है लंगूरों का मेला
संतान सुख ना होने के कारण कई लोग दर-दर भटकते हैं लेकिन पंजाब के अमृतसर में स्थित दुर्ग्याणा मंदिर (Durgyana Temple) एक ऐसा मंदिर हैं जहां महिलाओं की सूनी गोद भर जाती है। भारत में दुर्ग्याणा मंदिर इकलौता ऐसा मंदिर है जहां मन्नत (Wish) पूरी होने पर लोग अपने बच्चे को पूरे नवरात्र के दौरान लंगूर बनाकर मंदिर में माथा टेकने के लिए लाते है। दुर्ग्याणा मंदिर के पास बड़ा हनुमान मंदिर (Hanuman Temple) में नवरात्र पूजा दौरान एतिहासिक लंगूर मेला लगाया जाता है। हजारों की संख्या में लोग मेले में पहुंचते हैं, और अपने बच्चों को लंगूर बनाकर लाते हैं। नवरात्र 2023 (Navratri 2023) का शुभारंभ हो चुका है और इस मंदिर में भी मेला सज गया है। पूरे देश में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जा रही है।
इस मंदिर का रामायण काल से खास कनेक्शन
इस मंदिर की मान्यता है कि जो लोग यहां सच्चे मन से संतान (Child) प्राप्ति की आराधना करते हैं। उनकी आराधना जरूर पूरी होती है। जिनकी मन्नत पूरी हो जाती है वह अपने बच्चे को लंगूर बनाकर इस मंदिर में माथा टेकने आते हैं घर से लेकर बड़ा हनुमान मंदिर तक ढोल की थाप पर लंगूर बने बच्चे नाचते, गाते और जय श्री राम का नारा लगाते हुए आते हैं। इस मेले में बच्चे पैरों में घुंघरू बांधकर आते हैं। बताया जाता है कि लंगूर बनने वाले बच्चे सुई, धागे का काम और कैंची नहीं चला सकते। उसे दिन में 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करना जरूरी होता है। दशहरे के दिन लंगूर बने बच्चे रावण और मेघनाद के पुतलों को तीर से मारते हैं। इस मंदिर का रामायण (Ramayan) काल से बहुत ही खास कनेक्शन है। ऐसी मान्यता है कि बड़ा हनुमान मंदिर वही जगह है जहां लव-कुश ने भगवान हनुमान को बंधी बनाया था।
