-
Advertisement
Corona संकट के बीच मंदा पड़ा रिश्वत का धंधा, अप्रैल- मई में एक भी मामला नहीं
शिमला। कोरोना (Corona) संकट के बीच हिमाचल में रिश्वत (Bribe) के मामलों पर भी लगाम लगी है। अगर ऐसा कहा जाए कि कोरोना महामारी के बीच रिश्वत का धंधा मंदा पड़ा है तो यह गलत नहीं होगा। अब तक रिश्वत के सात ही मामले दर्ज हुए हैं। इसमें 1 लाख 57 हजार 500 रुपए के करीब राशि रिकवर की है। यह मामले अधिकतर मामले जनवरी से मार्च लॉकडाउन (Lockdown) से पहले तक के हैं। एक मामला जून माह में दर्ज किया था। अप्रैल और मई माह में एक भी मामला दर्ज नहीं है।
यह भी पढ़ें: भवारना सब तहसील का नायब तहसीलदार रिश्वत लेते Arrest

इस वर्ष दर्ज मामलों का ब्यौरा
17 जनवरी को विजिलेंस थाना सिरमौर में पहला मामला दर्ज हुआ था। टीसीपी (TCP) पांवटा साहिब के एक प्लानिंग ऑफिसर को एक लाख रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद एक हफ्ते में एक और मामला दर्ज हुआ। यह मामला भी विजिलेंस थाना सिरमौर (Vigilance Police Station Sirmour) में दर्ज हुआ। 23 जनवरी को एक महिला पुलिस कर्मचारी को 30 हजार रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद विजिलेंस थाना शिमला में एक फरवरी को मामला दर्ज हुआ।
यह भी पढ़ें: Dalai Lama की जासूसी कर रहा था हवाला कांड में अरेस्ट हुआ चीनी; लामाओं को दे रखी थी रिश्वत

बागवानी विभाग के अधिकारी को 17000 हजार रिश्वत के आरोप में दबोचा गया। 13 फरवरी को विजिलेंस थाना धर्मशाला के तहत तीन हजार रिश्वत लेते एक पटवारी को गिरफ्तार किया गया। पटवारी देहरा (Dehra) उपमंडल से संबंधित था। तीन मार्च को पुलिस थाना विजिलेंस सोलन के तहत बद्दी में एक महिला पुलिस अधिकारी को पांच हजार रिश्वत के आरोप में धरा। 12 मार्च को बिलासपुर (Bilaspur) में मामला दर्ज हुआ। इसमें एक लेबर इंस्पेक्टर को अपनी कार के लिए रबर टायर लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। 18 जून को विजिलेंस थाना धर्मशाला (Dharamshala) में मामला दर्ज हुआ। इसमें राजस्व विभाग के एक अधिकारी को 2500 रूपए रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया। उक्त मामलों से पता चलता है कि 12 मार्च के बाद अप्रैल, मई में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ।
यह भी पढ़ें: 8 महीने पहले बर्फ में फिसलकर लापता हुए जवान का शव मिला, दो दिन बाद परिजनों को सौपेंगे

वर्ष 2018 के मुकाबले 2019 में दर्ज हुए अधिक मामले
वर्ष 2018 और 2019 की बात करें तो 2019 में 2018 के मुकाबले अधिक मामले दर्ज हुए थे। वर्ष 2018 में 10 मामले दर्ज किए गए थे। वहीं, वर्ष 2019 में 19 मामले दर्ज हुए थे। वर्ष 2018 में रिकवर राशि की बात करें तो यह आंकड़ा 4,43,000 रहा था। वहीं, वर्ष 2019 में 2 करोड़ 27 लाख दो हजार राशि रिकवर की थी।
यह भी पढ़ें: Table fan का स्विच ऑन करते ही लड़की को लगा करंट, गई जान

हिमाचल की ताजा अपडेट Live देखनें के लिए Subscribe करें आपका अपना हिमाचल अभी अभी Youtube Channel


