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Himachal में आज फिर डोली धरती, इस माह अब तक 9 बार आया भूकंप- पढ़ें यह Report
शिमला। कोरोना संकट के बीच हिमाचल में भूकंप (Earthquake) के झटकों का दौर भी जारी है। इस माह अब तक हिमाचल (Himachal) के विभिन्न हिस्सों में 9 बार भूकंप आ चुका है। लाहुल स्पीति (Lahaul Spiti) में जिला में सबसे अधिक पांच बार, शिमला में दो बार, बिलासपुर व चंबा में एक-एक बार धरती डोली है। आज भी एक बजकर 20 मिनट पर शिमला में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप की तीव्रता 3.5 थी और इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर अंदर था। वहीं, शिमला (Shimla) में इससे पहले 13 अक्टूबर को भी 3.1 तीव्रता का भूकंप आया था। शाम चार बजकर 38 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप का केंद्र जमीन के पांच किलोमीटर अंदर था।
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24 अक्टूबर को बिलासपुर (Bilaspur) में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 3.2 आंकी गई थी। इसका केंद्र जमीन से सात किलोमीटर अंदर रहा। 23 अक्टूबर को चंबा में 2.7 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप का केंद्र पांच किलोमीटर अंदर था। 14 अक्टूबर को लाहुल स्पीति में 2.4 तीव्रता का भूकंप आया। यह भूकंप रात 11 बजकर 06 मिनट पर आया। इसका केंद्र जमीन से पांच किलोमीटर अंदर था। लाहुल स्पीति में 9 अक्टूबर को एक नहीं चार बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। दो बजकर 43 मिनट पर 3.3 तीव्रता का भूकंप आया था। 2 बजकर 32 मिनट पर 2.5 तीव्रता का भूकंप आया था। 2 बजकर 31 मिनट पर भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इसकी तीव्रता 2.4 थी। 2 बजकर 28 मिनट पर 2.1 तीव्रता का भूकंप आया था। सभी भूकंप का केंद्र जमीन से पांच किलोमीटर अंदर रहा है।
भूकंप आने पर जानिए क्या है सेफ्टी टिप्स
- छत और नींव के पलास्टर में पड़ी दरारों की मरम्मत कराएं।
- यदि कोई संरचनात्मक कमी का संकेत हो तो विषेशज्ञ की सलाह लें।
- सीलिंग में ऊपरी (ओवरहेड) लाइटिंग फिक्सचर्स (झूमर आदि) को सही तरह से टांगें।
- भवन निर्माण मानकों हेतु पक्के इलाके में प्रासंगिक बीआईएस संहिताओं का पालन करें।
- दीवारों पर लगे शेल्फों को सावधानी से कसें।
- नीचे के शेल्फों में बड़ी अथवा भारी वस्तुओं को रखें।
- भारी वस्तुओं को ऊपर कतई मत रखें।
- सांकल/चिटकनी वाली लकड़ी की निचली बंद कैबिनेटों में ऐसे सामान रखें, जो आसानी से टूट सकते हैं। जैसे चीनी मिट्टी के बर्तन आदि।
- इमरजेंसी नंबर्स को जरूर अपने फोन में सेव रखें।

