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जनस्वास्थ्य अभियान की गुहार: ठेके पर डॉक्टरों की भर्तियां बंद करे सरकार
लेखराज धरटा/शिमला। जन स्वास्थ्य अभियान (JSA) के सहयोगी 9 सामाजिक संगठनों ने सरकार (Himachal Govt) ने अपील की है कि वह ठेके पर डॉक्टरों की भर्ती (Contractual Recruitment Of Doctors) बंद करे और स्वास्थ्य जांच की सभी सुविधाओं को स्वास्थ्य विभाग के दायरे में लाए, ताकि बेरोजगारों को रोजगार मिल सके। संगठन ने स्वास्थ्य को भी कानूनी (Right TO Health) दायरे में लाने की अपील की है।
शिमला में सोमवार को हुई JSA शिमला ग्रुप की बैठक में 9 संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में स्वास्थ्य के अधिकार, प्रदेश में युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की गयी।
स्वास्थ्य विभाग में खाली हैं 40 फीसदी पद
जन स्वास्थ्य अभियान हिमाचल प्रदेश चैप्टर के संयोजक सत्यवान पुण्डीर ने कहा कि प्रदेश की सवास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा चुकी है। करीब 40 फीसदी पद (40% posts Vacant) खाली हैं। हालत का अंदाजा ठियोग के अस्पताल में स्टाफ और सेवाओं की कमी विरोध में चल रहे प्रदर्शन से लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक रैफरल अस्पताल (Referral Hospital) की हालत है तो पंचायत और गांव स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का हाल समझा जा सकता है।
नशे के कारोबार पर चिंतित सामाजिक संगठन
पुण्डीर ने कहा कि ठेके पर की जा रही डॉक्टरों की भर्तियां गलत है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि वह नियमित भर्तियां करे और सभी प्रकार की टेस्ट सुविधाओं को विभाग के दायरे में लाए, ताकि तकनीकी कोर्स पूरा करने वाले युवाओं को रोज़गार मिल सके। बैठक में हिमाचल में बढ़ते नशे के कारोबार पर भी गंभीर चिंता जताई गई। पुण्डीर ने बताया कि जन स्वास्थ्य अभियान, ज्ञान विज्ञान समिति एवं अन्य संगठनों के साथ मिलकर इन मुद्दों पर व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

