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सरकार बीजेपी विधायकों की सदस्यता रद्द करने की कोशिश में
शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर (Leader of Opposition Jairam Thakur) ने कहा कि प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल है। सरकार किसी ना किसी ढंग से सरकार को बचाने की कोशिश में डटी हुई है। आनन-फानन में प्रिविलेज कमेटी (Privilege Committee)का गठन किया गया और बीजेपी के विधायकों (BJP MLA)को नोटिस भजे गए। सरकार बीजेपी के विधायकों की भी छह कांग्रेसी विधायकों की तरह विधानसभा सदस्यता रद्द करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे पहले सदन के अंदर विधायकों को कागज उछालते, माइक तोड़ते हुए भी देखा गया, लेकिन उन पर भी इस तरह की कार्रवाई नहीं की गई। जयराम ठाकुर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह इस मामले के सभी कानूनी पक्षों को देखकर हर स्थिति से लड़ने के लिए तैयार है।
बजट में प्रावधान नहीं तो 1500 कहां से आएंगे
जयराम ठाकुर (Jairam Thakur) ने कहा कि प्रदेश के सीएम ने एक बार फिर महिलाओं को गुमराह करने का प्रयास किया है। जिस प्रकार कांग्रेस पार्टी (congress party) झूठ बोलकर सत्ता में आई थी उसी प्रकार महिलाओं को अगले वित्तीय वर्ष से 1500 देने का वादा भी झूठा है।
बजट पारित हो चुका है और बजट के पारित होने के 6 दिन बाद यह घोषणा की है, परंतु बजट में प्रावधान ही नहीं है तो घोषणा पूरी कहां से होगी। 1 अप्रैल को आचार संहिता लग जाएगी उसके उपरांत यह 1500 महिलाओं को कहां से मिलेंगे। हिमाचल प्रदेश में 2011 की जनगणना के हिसाब से हिमाचल प्रदेश में 38 लाख महिलाएं हैं और 18 से 60 वर्ष की महिलाओं की संख्या 22 लाख है, आज के ऐलान के हिसाब से केवल 800 करोड़ रुपए का वितरण 1500 रुपए प्रति महिला किया जाएगा, जिसके तहत 5 लाख महिला लाभान्वित होगी।
हिमाचल प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा योजना चल रही है, जिसमें कुल लाभार्थियों की संख्या 7,83,000 है, इसमें महिलाओं की संख्या 4 लाख 55000 है तो क्या केवल सीएम 5 लाख महिलाओं को यह राशि वितरण करने की बात कर रहे हैं? हिमाचल प्रदेश में 22 लाख महिलाओं को 1500 प्रतिमाह देने का वादा किया था ,जिसके ऊपर 1 महीने का खर्च 330 करोड़ है। इसका मतलब साफ है कि यह सरकार केवल महिलाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।

