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संसद में खुली Himachal की कलई, Indu Goswami ने पूछा था बड़ा सवाल
Indu Goswami : नई दिल्ली। कचरे से ऊर्जा उत्पादन योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश से बायोगैस प्लांट (Biogas Plant) स्थापित करने का कोई प्रस्ताव दिल्ली वालों को नहीं मिला है। हिमाचल सरकार ( Himachal Govt) का इस बाबत कहना था कि बायो गैस प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव नवीन एवं नवीकरण ऊर्जा मंत्रालय (Ministry of New and Renewable Energy)को भेजा गया है। लेकिन इस बात का खुलासा संसद के चल रहे बजट सत्र के दौरान राज्यसभा (Rajya Sabha)में हुआ कि इस तरह का कोई प्रस्ताव दिल्ली भेजा ही नहीं गया है। दरअसल हिमाचल से ताल्लुक रखने वाली रास सदस्य इंदु बाला गोस्वामी ( MP Indu Bala Goswami)ने इस बाबत सवाल पूछा था। उसके जवाब में नवीन एवं नवीकरण ऊर्जा मंत्रालय राज्य मन्त्री श्रीपद नायक (Shripad Nayak) ने बताया की मंत्रालय को कचरे से ऊर्जा उत्पादन योजना के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश से बायो गैस प्लांट स्थापित करने का कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है।
केंद्र देता है वित्तीय सहायता
श्रीपद नायक ने बताया की इस योजना के अन्तर्गत बायो गैस उत्पादन के लिए मंत्रालय 4800 किलो प्रतिदिन क्षमता के नए प्लांट पर चार करोड़ रूपए की केंद्रीय वित्तीय सहायता प्रदान करता है जबकि पहले से कार्यरत प्लांट पर 4800 किलो प्रतिदिन बायो गैस उत्पादन पर तीन करोड़ रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान करता है। फसलों के अवशेष को निपटाने के लिए किसानों को मशीनरी पर पचास प्रतिशत उपदान (50 percent gratuity) दिया जाता है। वहीं, केन्द्रीय पोत, परिवहन और जलमार्ग राज्य मन्त्री सर्वानंद सोनोवाल ने इंदु बाला गोस्वामी को राज्य सभा में बताया की मंत्रालय की भारत सरकार की सागरमाला योजना (Sagarmala Scheme)के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं को इक्विटी सहायता सागरमाला विकास कम्पनी लिमिटेड द्वारा द्वारा प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया की सागरमाला परियोजना के अन्तर्गत बंदरगाहों के विकास कार्यक्रमों को कार्यान्वित किया जाता है।
-पंकज शर्मा

