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Political Crisis | Himachal | Congress Govt |
हिमाचल प्रदेश में छह पूर्व सीपीएस की विधानसभा सदस्यता पर सुप्रीम कोर्ट की तीन-न्यायाधीशों की बेंच सुनवाई करेगी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की, जिसकी अगली तारीख 16 मार्च तय की गई है। हिमाचल हाई कोर्ट ने पहले इन सीपीएस को पद से हटाने का आदेश दिया था, जिसे राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में 16 मार्च को अंतिम सुनवाई हो सकती है। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें CPS की नियुक्तियों को असंवैधानिक बताते हुए पूरे CPS एक्ट को रद्द कर दिया गया था। CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अर्की से संजय अवस्थी, बैजनाथ से किशोरी लाल, रोहड़ू से मोहन लाल ब्राक्टा, पालमपुर से आशीष बुटेल, दून से राम कुमार चौधरी और कुल्लू से सुंदर सिंह ठाकुर को CPS नियुक्त किया था। इन सभी को अलग-अलग मंत्रियों के साथ अटैच किया गया था। हालांकि इनके पास फाइलों पर हस्ताक्षर की शक्तियां नहीं थीं, लेकिन सुविधाएं लगभग मंत्रियों जैसी दी गई थीं।
