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डॉ राजेश शर्मा ने कांगड़ा वासियों से मांगा एक मौका, बोले-लंबी दौड़ वाला चुनना होगा नेतृत्व
Dr Rajesh Sharma : श्री बालाजी अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज कांगड़ा के सीएमडी डॉ राजेश शर्मा ने नगर परिषद चुनाव के बीच कांगड़ा नगर की जनता के नाम एक संदेश जारी करते हुए कहा है कि मेरा परिवार यानी मेरा कांगड़ा, इसी नगर की गलियों से निकलकर आज हम इसे एक कदम आगे ले जाते हुए सुंदर शहर के रूप में 17 मई को बुनने जा रहे हैं। इसके लिए मेरा अपने परिवार रूपी कांगड़ा वासियों को दिल की गहराइयों से नमन। नमन मां बज्रेश्वरी देवी के चरणों में,जिसके आशीर्वाद से हम सभी सुख-चैन से आपसी भाईचारे के साथ रह पाते हैं। ये वो नगर है जिसे अब हमें सुंदर शहर के रूप में विकसित करते हुए यहां हर वह व्यवस्था करनी है जो आज भाग-दौड भरी जिंदगी की जरूरतें बन चुकी हैं।
सरकारी नौकरी छोड सेवा करने को खोला श्री बालाजी अस्पताल
डाॅ राजेश ने कहा है कि बात हल्का सा पीछे की तरफ जाते हुए करें तो कभी इस नगर में हेल्थ सेक्टर के नाम पर मात्र एक सिविल अस्पताल हुआ करता था,मुझे लगा कि मेरे अपनों के लिए यानी कांगड़ा वालों के लिए कुछ किया जाए,मैंने सरकारी नौकरी छोड श्री बालाजी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की नींव रखी,वहां हमने आपके आशीर्वाद से आगे बढते हुए वो सब कुछ किया जिसके लिए हमारे अपनों को उस वक्त भी आपात स्थिति में लुधियाना,चंडीगढ या दिल्ली जाना पडता था। हमने विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ.साथ आधुनिक उपचार की मशीनें इस नगर में उपलब्ध करवाई,ताकि हमारे अपनों को घर द्वार पर ही बेहतरीन उपचार मिल सके। उसी का परिणाम है कि आज कांगड़ा मेडिकल का हब बन गया है। ये सफर यही नहीं रूका मुझे लगा कि इसके साथ.साथ कांगड़ा की बेहतरी के लिए हाथ बंटाना चाहिए। इसके लिए मैंने आगे आते हुए नगर परिषद के माध्यम से नगर में नया करने की सोच ही नहीं पाली बल्कि करके भी दिखाया। उस वक्त मेरी माता उर्मिल शर्मा नगर परिषद की प्रधान रही,उसी दौरान नगर के विकास के लिए हमने एक सुनियोजित प्लान बनाया।
शिक्षा बोर्ड में लीक से हटकर कर रहे हैं काम
इसके बाद जब आपके आशीर्वाद से मुझे शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन की जिम्मेदारी मिली तो मैने उसे भी लीक से हटकर कुछ करने की सोच सामने रखी। आज हम शिक्षा बोर्ड को मात्र परीक्षा का केंद्र नहीं बल्कि शिक्षा का केंद्र मानकर आगे बढ़ रहे हैं। बात चाहे छात्रों की परीक्षा प्रणाली से जुड़ी हो,चाहे परिणाम निकालने की हो,हमने वो करके दिखाया है जो छात्र हित में मील का पत्थर साबित हो रहा है। इन बातों की यहां चर्चा करना इसलिए जरूरी है क्योंकि हम अपने वोट का इस्तेमाल करने वाले हैं,यहां हमें गंभीर मंथन-विचार करना है कि हमें वोट किस लिए करना है। हमें सिर्फ वोट डालने के लिए वोट नहीं करना है,बल्कि एक मकसद-उद्देश्य को पूरा करने के लिए वोट करना है।
शहर बनने के लिए एक सोच को सामने रखकर आगे आना है
डाॅ राजेश ने कहा कि हम यूं ही नगर से शहर नहीं बना पाएंगे,शहर बनने के लिए हमें एक सोच को सामने रखकर आगे आना है। वो सोच जो हमें पांच साल तक आगे ले जाने का काम करेगी,हमारी आने वाली पीढ़ी को कुछ देकर जाएगी। गलियों की सफाई-स्ट्रीट लाइट,नगर की सफाई,पार्किंग स्थल,प्ले ग्राउंड ये सब हमारी सोच का एक हिस्सा भर हो सकते हैं,दरअसल हमें अभी बहुत लंबा सफर करना है। उस सफर को करने के लिए हमें नेतृत्व भी लंबी दौड वाला चुनना है। पढ़ाई-लिखाई तो एक अहम हिस्सा है ही,लेकिन हमारा सारथी सोच कैसी रखता है,उसका विजन क्या है,उसके साथ नगरवासियों का जुडाव कैसा है,ये सब अहम बिंदु हैं,जिन पर हमें गौर फरमाना है। अगर आज हम यहां हल्की सी भी चूक करेंगे तो अगले पांच साल नहीं बल्कि दस साल पीछे चले जाएंगे। इसके लिए आपको मेरे सभी वार्डो में खडे उम्मीदवारों को अपना समर्थन देना होगा,उन्हें विजयी बनाना होगा। तभी हम कांगड़ा को एक नई सोच के साथ आगे ले जा पाएंगे।
17 मई को नगर की बेहतरी के लिए लेंगे फैसला
हम सब एक परिवार हैं,इस नाते हमारा कर्तव्य बनता है कि इस नगर के सुनियोजित विकास के पैमाने को सामने रखकर हम अपनी-अपनी चारदीवारी के अंदर एक फैसला लेंगे,जो हमें आगे की तरफ लेकर जाएगा। वो रास्ता जो हमें रोशनी दिखाएगा,वो रास्ता जो हमें तकलीफ नहीं आरामदायक बनाएगा। कहने का मतलब यहां ये भी है कि हमें अपने लिए प्रतिनिधि चुनना है,जो हमारी नब्ज को पकड़ सके,उसे पहचान सके। पेशे से बतौर डॉक्टर मेरा ऐसा मानना है कि हमें ऐसी शख्सियत की जरूरत है जो आगे चलकर इस नगरी का मार्गदर्शक बने। इस नाते मेरी आपसे अपील है कि एक मौका मुझे जरूर दें, मैं चाहता हूं हमारा कांगड़ा एक मॉडल बने इसलिए हम सबको इस बात पर गौर फरमाना है कि मतदान करना एक संवैधानिक अधिकार नहीं,बल्कि गंभीर जिम्मेदारी भी है। इस जिम्मेदारी को हम कैसे निभाते है,ये किसी दूसरे पर नहीं,बल्कि हम पर ही निर्भर करता है। मुझे उम्मीद ही नहीं विश्वास है कि 17 मई को हम जो भी फैसला लेंगे,वह इस नगर की बेहतरी के लिए ही होगा।

