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बुलडोजर पर सवार होकर उफनता नाला पार कर गई लाहुल-स्पीति की ये ‘पोलियो वॉरियर’
Himachal News: जब बात बच्चों को ‘दो बूंद जिंदगी की’ पिलाने की हो, तो देवभूमि की बेटियों के हौसले के आगे कुदरत की चुनौतियां भी घुटने टेक देती हैं। ऐसा ही एक हैरतअंगेज और प्रेरणादायी मामला जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति से सामने आया है, जहां उफनते नाले की लहरें भी स्वास्थ्य विभाग के इरादों को डिगा नहीं सकीं। मौसम के बिगड़े मिजाज के चलते घाटी में इन दिनों नदी-नाले उफान पर हैं, लेकिन इसके बावजूद एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने जान जोखिम में डालकर, बुलडोजर (डोजर) पर सवार होकर उफनता नाला पार किया और ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाई।
मयाड़ नाले के रौद्र रूप पर भारी पड़ी कर्तव्यनिष्ठा
राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के तहत लाहुल घाटी के टिंगराट बूथ पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता पलजोम बुट्टी की तैनाती थी। रविवार को अचानक पहाड़ों पर तापमान बढ़ने से मयाड़ नाले का जलस्तर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। नाला पार करने का कोई भी सुरक्षित साधन मौजूद नहीं था।ऐसी विषम परिस्थितियों में अमूमन लोग कदम पीछे खींच लेते हैं, लेकिन पलजोम बुट्टी ने अपने कर्तव्य को सबसे ऊपर रखा। उन्होंने बिना वक्त गंवाए वहां मौजूद एक बुलडोजर चालक की मदद ली और डोजर के अगले हिस्से (बकेट) में बैठकर उफनते मयाड़ नाले को पार करने का साहसिक निर्णय लिया। सोशल मीडिया पर उनका यह वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह बेहद शांत और दृढ़ संकल्प के साथ उफनती लहरों के बीच से रास्ता पार करती दिख रही हैं।
स्थानीय लोगों ने सराहा, विधायक ने कहा- ‘समाज के लिए प्रेरणा’
पलजोम बुट्टी ने न सिर्फ समय पर अपने बूथ पहुंचकर बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई, बल्कि राष्ट्रीय अभियान को भी शत-प्रतिशत सफल बनाया। दुर्गम और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में उनके इस अद्वितीय समर्पण की हर तरफ सराहना हो रही है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि लाहुल जैसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्र में स्वास्थ्य कर्मियों का ऐसा जज्बा वाकई मिसाल है।लाहुल-स्पीति कीविधायक अनुराधा राणा ने स्वास्थ्य कार्यकर्ता की पीठ थपथपाते हुए कहा,ऐसे कर्मठ और समर्पित स्वास्थ्य कार्यकर्ता हमारे समाज के लिए असली प्रेरणा हैं। जो प्राकृतिक आपदाओं और कठिन चुनौतियों के बीच भी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। पलजोम का यह साहस सराहनीय है।
देश-प्रदेश में हो रही तारीफ
हिमाचल प्रदेश के लाखों बच्चों के साथ-साथ लाहुल-स्पीति के इस सुदूर इलाके में भी अभियान को बिना रुके पूरा करना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती थी। लेकिन पलजोम बुट्टी जैसी जांबाज कर्मचारी के कारण आज टिंगराट और उसके आस-पास के नौनिहालों तक सुरक्षा कवच पहुंच सका है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें ‘रियल लाइफ हीरो’ और ‘पोलियो वॉरियर’ कहकर तारीफ कर रहे हैं।
तुलसी बाबा

