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शिमला में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन: इलेक्शन ऑफिस के बोर्ड पर पोती कालिख, ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका
Himachal Congress Protest: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने Voter List के Special Intensive Revision (SIR) के विरोध में राजधानी शिमला में ज़ोरदार प्रदर्शन किया। कसुम्पटी स्थित इलेक्शन डिपार्टमेंट ऑफिस के बाहर एकत्र हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ उग्र नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब कांग्रेस नेताओं ने इलेक्शन डिपार्टमेंट ऑफिस के बाहर लगे बोर्ड पर कालिख पोत दी और उस पर ‘चोर आयोग’ लिख दिया।
पुलिस के साथ धक्का-मुक्की, मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला जलाया
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की और उनका पुतला फूंका। पुतला दहन से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ तीखी धक्का-मुक्की भी हुई। इस विरोध प्रदर्शन में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, राज्य के कैबिनेट मंत्री, हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
‘पात्र मतदाताओं के नाम हटाने’ का आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि SIR की आड़ में बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से जानबूझकर हटाए जा रहे हैं। नाम जोड़ने और घटाने की इस प्रक्रिया में धांधली का दावा करते हुए कांग्रेस ने कहा कि इलेक्शन कमीशन ऑफिस की फुटेज सामने आने के बाद यह साफ हो चुका है, जिसके विरोध में पार्टी अब देशव्यापी आंदोलन चला रही है।
राजीव भवन में PCC की समीक्षा बैठक और आगे की रणनीति
कसुम्पटी में प्रदर्शन के बाद शिमला स्थित राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। हिमाचल प्रभारी रजनी पाटिल की मौजूदगी में हो रही इस बैठक में SIR के मुद्दे पर प्रदेशस्तरीय आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
बैठक में एजेंडों पर रणनीति बनाई जा रही है
‘हिमाचल जोड़ो यात्रा’: भरमौर से सिरमौर तक प्रस्तावित इस यात्रा के ज़रिए कांग्रेस राज्य को दो भागों (अपर और लोअर हिमाचल) में बांटने की राजनीति का जवाब देगी। इस दौरान SIR और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों को जनता के बीच ले जाया जाएगा। पिछले 3 महीनों के कामकाज का लेखा-जोखा लिया जाएगा। राहुल गांधी के निर्देशों के तहत निष्क्रिय पदाधिकारियों को पदों से हटाने पर भी निर्णय हो सकता है।
संजू चौधरी
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