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432 दिन बाद करुणामूलक आश्रित संघ का ने खत्म किया क्रमिक अनशन
शिमला। हिमाचल प्रदेश के इतिहास में संभवत: सबसे लंबे समय तक चली क्रमिक अनशन 432 दिन बाद खत्म हो गई। करुणामूलक आश्रित संघ ने क्लास सी और क्लास दो में करुणामूलक आधार पर भर्तियों की मांग को लेकर अनशन शुरू की थी। सरकार ने करुणामूलक आश्रितों के लिए क्लास डी में भर्ती को मंजूरी तो दी, लेकिन क्लास सी में भर्ती की मांग अभी अधूरी ही है। बावजूद इसके करुणामूलक संघ ने अब क्रमिक अनशन खत्म करने का फैसला ले लिया है। रात-दिन, धूप-छांव, सर्दी-गर्मी, बारिश-बर्फबारी की परवाह किए बगैर करुणामूलक आश्रित एक साल से अधिक समय तक शिमला में क्रमिक अनशन पर डटे रहे।
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करुणामूलक संघ के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि सरकार ने क्लास डी में करुणामूलक आश्रितों की भर्ती को अनुमति दे दी है, लेकिन क्लास सी में भर्ती अभी भी लंबित है। उन्होंने कहा कि सरकार ने क्लास सी में भर्ती करने से इनकार कर दिया है। ऐसे में अब करुणामूलक संघ के लोगों ने क्रमिक अनशन को खत्म करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि अभी भी उन्हें उम्मीद है कि सरकार चुनाव के बाद एक बार फिर क्लास सी में भर्ती को लेकर विचार करेगी, ताकि करुणामूलक आश्रितों को राहत दी जा सके। करुणामूलक संघ के मुख्य सलाहकार शशि पाल, मुख्य सलाहकार व मीडिया प्रभारी गगन कुमार ने बताया कि सरकार अपने द्वारा बनाई गई 07 मार्च 2019 की पॉलिसी के तहत चतुर्थ श्रेणी में भी नौकरी नहीं दे पाई है, जो सरकार की नाकामी को दर्शाती है। उन्होंने सरकार से 6 अक्टूबर की कैबिनेट में यह मुद्दा लाने और सभी आश्रितों को भी क्लास-4 में नियुक्ति देने की मांग की है।

