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पिता की रिटायरमेंट से पहले बेटी ने दिलाई पक्के दोस्त की याद जिसने नौकरी दिलवाने में की थी मदद

सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा यह 80 के दशक में लिखा गया आवेदन, लोग कर रहे लाइक

पिता की रिटायरमेंट से पहले बेटी ने दिलाई पक्के दोस्त की याद जिसने नौकरी दिलवाने में की थी मदद

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जीवन में सच्चा या पक्का दोस्त मिल जाए यह नसीब की बात होती है। यूं तो सोशल मीडिया (Social Media)  पर हजारों लोग एक-दूसरे के फ्रेंड (Friends) बने हुए हैं मगर सच्चा दोस्त कौन है यह वक्त ही बताता है। क्योंकि सच्चे दोस्त की परख बुरे वक्त में होती है। इस बारे में एक महिला में अच्छे दोस्त के बारे में लिंक्डइन पर एक पोस्ट शेयर की है। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रही है। इसमें उसने बताया है कि किसा प्रकार उसके पिता के एक दोस्त ने नौकरी का आवेदन लिखने में उसकी मदद की। उसने 80 के दशक में उसे नौकरी दिलवाने में बहुत ही मदद की।

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रवीना (raveena) नाम की इस महिला के पिता अगले सप्ताह सेवानिवृत्त (retired) हो रहे हैं और उनकी रिटायरमेंट के बाद उसने उस दोस्त की याद दिलवाई जिसने उसकी मदद की थी। वह दोस्त अभी भी उसके पिता का सबसे करीबी विश्वासपात्र है। इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर सन 1985 की हैंडराइटिंग (1985 handwritten) के आवेदन के साथ साझा किया गया है। इसमें लिखा गया है कि सन 1980 में मेरे पिता ने जब स्नातक पास किया तब कैंपस प्लेसमेंट बहुत ही कठिन थी। मेरे पिता जीवन में पहली बार नौकरी के लिए आवेदन कर रहे थे। वह अपना रिज्यूम ड्राफ्ट करने और नौकरी के लिए आवेदन लिखने में परेशान हो रहे थे। वहीं उनके अच्छे दोस्त प्रकाश चाचा की इंग्लिश की हैंड राइटिंग बहुत अच्छी थी। प्रकाश (Prakash)चाचा पिता जी को बहुत चाहते थे। उन्होंने उस समय पिता जी के एक रक्षक के रूप में काम किया। उन्होंने पिता जी की नौकरी के लिए दस आवेदन लिखे। वहीं मेरे पिता जी को नौकरी के लिए तैयार भी किया। वहीं इंटरव्यू के लिए भी उन्होंने ही तैयारी करवाई।

वहीं मेरे पिता जी गलतियों में सुधार करते रहते थे। वही पिता जी को एक कंपनी से दूसरी कंपनी में भेजा करते थे। प्रकाश अंकल ने हमेशा हमारा साथ दिया। उन्होंने हमेशा पिता जी का साथ दिया। हालांकि पिता जी गलत कंपनियों में आवेदन भेजते रहते थे, लेकिन प्रकाश चाचा ने ही उन्हें नौकरी दिलवाने में मदद की। रवीना ने कहा कि उन्होंने सन 1985 में मेरे पिता जी के लिए आवेदन लिखे थे। वह हैंड रिटने एक अतीत की बात है। मैं कहती हूं कि जो दोस्तों को करियर दिलवाने में मदद करते हैं वही सच्चे मित्र भी होते हैं।

यह आवेदन थर्मैक्स कंपनी (Thermax Company) को लिखा गया था। रवीना के पिता ने ट्रेनी इंजीनियर-मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्शन की भूमिका के लिए आवेदन किया था लिखावट वास्तव में सुंदर थी और पोस्ट पर टिप्पणी करने वाले कई लोग इस पर सहमत हुए रवीना के इस पोस्ट को 27 हजार से ज्यादा लोगों ने पसंद किया और इनमें से ज्यादातर लोग इमोशनल हो गए।

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