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हिमाचलः सीएम जयराम ने स्वर कोकिला के निधन पर जताया शोक, याद किया ये देशभक्ति गीत
Lata Mangeshkar: स्वर कोकिला लता मंगेशकर का आज निधन हो गया। मुंबई के एक अस्पताल में उन्होंने आज सुबह अंतिम सांस ली। वे पिछले 29 दिनों से कोरोना से जंग लड़ रही थीं लेकिन आज सुबह वे सबको छोड़कर चली गईं। उनके निधन पर दो दिन का राष्ट्रीय शोक रखा गया है। हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर ने भी लता मंगेशकर के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है-स्वर कोकिला, “भारत रत्न” लता मंगेशकर के निधन की खबर अत्यंत दुःखद है। उनका जाना कला जगत के लिए अपूर्णीय क्षति है। बचपन से लेकर अब तक 26 जनवरी और 15 अगस्त का कोई कार्यक्रम ऐसा नहीं देखा जिसमें लता जी की भावुक कर देने वाली आवाज़ में ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ न सुना हो।
https://twitter.com/jairamthakurbjp/status/1490191170525298688
राज्यपाल राजेंद्र विशवनाथ आर्लेकर ने स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। ट्वीट कर उन्होंने लिखा है- भारत रत्न, लता जी की उपलब्धियां अतुलनीय रहेंगी। संगीत क्षेत्र में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे।
https://twitter.com/RajBhavanHP/status/1490190032824459268
बीजेपी के वरिष्ठ नेता शांता कुमार भी लता मंगेशकर निधन पर शोक जताते हुए लिखा है – ‘स्वर कोकिला’ लता मंगेशकर के निधन से भारत की आवाज खो गई है। उनके निधन से अंतर्मन शोक से व्यथित है लता मंगेशकर ने आजीवन स्वर और सुर की साधना की। उन्होंने 30 हज़ार से अधिक गानों को आवाज़ दी है उनके गाये हुए गीतों को भारत की कई पीढ़ियों ने सुना और गुनगुनाया है। उनका निधन देश की कला और संस्कृति जगत की बहुत बड़ी क्षति है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।
https://twitter.com/shantakumarbjp/status/1490180909374468099
अपने लगभग 78 साल के करियर में करीब 25 हजार गीतों को अपनी आवाज देने वाली लता मंगेशकर को कई पुरस्कारों और सम्मानों से नवाजा गया था। तीन बार उन्होंने राष्ट्रीय अवार्ड अपने नाम किया था। अपनी मधुर आवाज से लोगों को मोह लेने वाली लता मंगेशकर को प्रतिष्ठित भारत रत्न और दादा साहेब फालके अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था।
