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हिमाचल: बरमाणा-मनाली-लेह रेल लाइन की ड्राफ्ट डीपीआर तैयार, 62 हजार करोड़ होंगे खर्च

दिसंबर 2021 तक उत्तर रेलवे के जीएम को मंजूरी के लिए भेजी जाएगी डीपीआर

हिमाचल: बरमाणा-मनाली-लेह रेल लाइन की ड्राफ्ट डीपीआर तैयार, 62 हजार करोड़ होंगे खर्च

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बिलासपुर। उत्तर रेलवे ने बरमाणा-मनाली-लेह रेल लाइन (Barmana leh Rail line) की ड्राफ्ट डीपीआर तैयार कर दी है। 31 दिसंबर से पहले रेलवे बोर्ड को फाइनल डीपीआर सौंप दी जाएगी। बरमाणा से लेह तक 476 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के लिए 62 हजार करोड़ रूपये की लागत से पुलों और टनलों (Tunnel) का निर्माण होगा। इसमें टनलों पर 56 हजार करोड़ रूपये और पुलों पर करीब 6 हजार करोड़ रूपये खर्च होंगे। इस सामरिक रेल लाइन के लिए करीब 150 किलोमीटर लंबा अप्रोच रोड बनेगा।

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बता दें कि सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से रक्षा मंत्रालय का बरमाणा-मनाली-लेह रेल लाइन का सपना साकार होने के नजदीक पहुंच गया है। पीएमो ने जून 2021 में इस परियोजना का रिव्यू किया था और उत्तर रेलवे को इसकी डीपीआर जल्द तैयार करने के आदेश दिए थे। जिसके चलते उत्तर रेलवे ने सेटेलाइट और लिडार सर्वे करवा कर उक्त परियोजना की ड्राफ्ट डीपीआर तैयार कर ली है। दिसंबर 2021 में इसे उत्तर रेलवे के जीएम को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा और मंजूरी के बाद डीपीआर रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। वहीं, रेलवे बोर्ड द्वारा डीपीआर की पूरी जांच करने के बाद उसे रक्षा मंत्रालय भेजा जाएगा। जहां से फिर ये प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए पीएमओ भेजा जाएगा।

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अभी उत्तर रेलवे स्टेशन, मेकेनिकल, अप्रोच रोड, सिगनल और जमीन अधिग्रहण का आकलन तैयार कर रहा है। मनाली से लेह तक अति दुर्गम स्थलों से रेल लाइन बिछाई जाएगी। बरमाणा से मनाली तक आने वाली लागत से आगे लेह तक करीब 30 फीसदी ज्यादा खर्च निर्माण कार्य में होगा। अगर सब सही रहा तो मार्च में प्रस्तावित 2022-23 के बजट सत्र में भी इस परियोजना को शामिल किया जा सकता है। हाल ही में 28 से 31 अक्तूबर तक इस रेल लाइन को अंतिम रूप देने के लिए रेलवे बोर्ड के सदस्य इंफ्रास्ट्रक्चर ने भी रेलवे अधिकारियों की टीम के साथ लेह का दौरा कर सेना और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक भी आयोजित की थी।

परियोजना निदेश दिनेश त्रिपाठी का नाम गलती से गया है। उनका इससे कुछ लेना-देना नहीं है। 

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