- Advertisement

“बिकाऊ राजनीति करने वाले नेताओं को सरकार या सीएम के काम का आकलन करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं”
Dr Rajesh Sharma : हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ राजेश शर्मा (Dr Rajesh Sharma)ने धर्मशाला में बीजेपी विधायक सुधीर शर्मा (Sudhir Sharma)पर जोरदार हमला बोला। डॉ शर्मा ने स्पष्ट किया कि सुधीर शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में दर्ज एफआईआर (FIR) कोई नई राजनीतिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसकी शुरुआत वर्ष 2017 में स्वयं बीजेपी द्वारा तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों से हुई थी। डॉ राजेश शर्मा ने कहा कि बीजेपी सरकार के दौरान इस शिकायत की शुरुआती जांच हुई थी और अब उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विजिलेंस ने मामला दर्ज किया है। कानून सभी के लिए समान है। यदि किसी जनप्रतिनिधि के खिलाफ जांच चल रही है, तो उसे सोशल मीडिया पर बयानबाजी करने के बजाय जांच एजेंसियों के समक्ष अपने वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने चाहिए। जांच में पूरा सहयोग करना हर जनप्रतिनिधि की संवैधानिक जिम्मेदारी है। डाॅ राजेश आज धर्मशाला में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
सुधीर स्कूल.कॉलेज की बचकानी मानसिकता छोड़कर जनप्रतिनिधि का धर्म निभाएं
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhwinder Singh Sukhu) के प्रति की गई टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए डॉ शर्मा ने कहा कि बिकाऊ राजनीति करने वाले नेताओं को सरकार या सीएम के काम का आकलन करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। सीएम किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के मुखिया का पद है। वे प्रदेश की जनता की आवाज को दिल्ली तक पहुँचाने का काम कर रहे हैं। सुधीर शर्मा स्कूल.कॉलेज की बचकानी मानसिकता छोड़कर जनप्रतिनिधि का धर्म निभाएं। यदि उन्हें कोई शिकायत है, तो आगामी विधानसभा सत्र में नियम अनुसार प्रश्न उठाएं। डेढ़ साल पहले सरकार गिराने की कोशिश की गई, जिसके बाद हुए उपचुनावों में जनता ने अपना स्पष्ट फैसला सुना दिया है।
स्मार्ट सिटी, ट्यूलिप गार्डन-डस्टबिन के फंड का दें हिसाब
धर्मशाला के विकास कार्यों पर सवाल उठाते हुए डॉ राजेश शर्मा ने मांग की कि सुधीर शर्मा सबसे पहले धर्मशाला की जनता को सार्वजनिक धन का हिसाब दें। स्मार्ट सिटी योजना के तहत आए करोड़ों रुपये के बजट की वर्तमान स्थिति क्या है। भूमिगत कूड़ेदानों और ट्यूलिप गार्डन के नाम पर जारी किए गए सरकारी फंड का उपयोग कहां किया गया। डॉ राजेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। कार्रवाई के डर और पैसों के लालच में जो नेता बीजेपी में गए हैं, उन पर नियमानुसार कार्रवाई हो रही है। उन्होंने बीजेपी प्रदेश डाॅ अध्यक्ष राजीव बिंदल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से अपील की कि वे अपने नेताओं को कानून और न्याय प्रक्रिया का सम्मान करने की सलाह दें। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को डराया.धमकाया न जाए। कांग्रेस नेता (Congress Leader) ने स्पष्ट किया कि अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए सीएम पद पर छींटाकशी बंद की जाए। जनता सब देख रही है और विश्वासघात करने वालों को सबक सिखाने से पीछे नहीं हटेगी।
-मनोज ठाकुर
