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हिमाचलः पीएम को किसानों की सीधी धमकी, वादे पूरे करो नहीं तो पछताओगे
ऊना। भारतीय किसान यूनियन टिकैत (Bhartiya Kisan Union Tikait) के राज्याध्यक्ष अनिंदर सिंह नोटी की अगवाई में किसानों ने सोमवार को ऊना मुख्यालय पर राज्य स्तरीय विश्वासघात दिवस (State Level Betrayal Day) मनाया। किसानों ने दिल्ली में किसान आंदोलन की वापसी के समय सरकार द्वारा उनकी मांगों को पूरा करने के लिए किए गए वादों के पूरा न होने के चलते किसानों ने जिला प्रशासन के माध्यम से पीएम (PM) को ज्ञापन पत्र भी भेजा। इस मौके पर किसानों ने ये भी चेतावनी दी कि दिल्ली में इस बार किसान आंदोलन (kisan Andolan) और भी उग्र और व्यापक होगा। कई विषयों पर सहमति के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
एमएसपी (MSP) पर विचार के लिए कमेटी का गठन नहीं किया गया है। बिजली बिल (Electricity Bill) पर भी कोई चर्चा नहीं की जा रही है। उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों में भी किसानों के मुकदमें वापस नहीं किए गए हैं। यूनियन प्रदेश अध्यक्ष अनिंदर सिंह नोटी (Union State President Aninder Singh Noti) ने कहा कि दिल्ली में कृषि कानूनों के विरुद्ध चल रहे आंदोलन के समझौते के समय कुछ मुद्दो पर किसान संगठनों और सरकार के बीच सहमति बनी थी। इसके संबंध में कृषि एवं कल्याण मंत्रालय के सचिव (Secretary) ने 9 दिसंबर, 2021 को लिखित पत्र भेजा गया था।
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पत्र में पीएम की घोषणा के अनुसार किसानों को एमएसपी मिलनी सुनिश्चित किए जाने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाना था, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों को भी शामिल करना था। वहीं, किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमें तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाने थे। केस वापस लेने की सहमति उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh), मध्य प्रदेश और हरियाणा सरकार द्वारा प्रदान की गई है।
भारत सरकार से संबंधित विभाग और एजेंसियों तथा दिल्ली सहित सभी संघशासित क्षेत्रों में आंदोलनकारियों एवं समर्थकों पर दर्ज किए गए आंदोलन संबंधित सभी केस (Case) भी तत्काल प्रभाव से वापस लेने की सहमति बनी थी, लेकिन कोई केस वापस नहीं हुआ। वहीं, उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश (UP) सरकार द्वारा लखीमपुर की घटना में घायल किसानों को भी मुआवजा नहीं दिया गया है। लखीमपुर की घटना में संलिप्त अजय मिश्र टेनी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि अबकी बार धरना दिल्ली (Delhi) की सीमाओं पर नहीं संसद भवन और इंडिया गेट पर होगा।
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