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राजेंद्र राणा ने धर्मशाला में एक-एक कर खोले बीजेपी के कच्चे चिट्ठे, जाने क्या-क्या बोले

उपचुनाव की घोषणा होते ही बाहर निकला फर्जी डिग्री मामले का जिन्न, बीजेपी पर साधा निशाना

राजेंद्र राणा ने धर्मशाला में एक-एक कर खोले बीजेपी के कच्चे चिट्ठे, जाने क्या-क्या बोले

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धर्मशाला। हिमाचल में उपचुनाव (By Election) की तिथि तय होते ही फर्जी डिग्रियां (fake degrees) बांटने का मामला सामने आ गया है। इस बार यह मामला फतेहपुर उप-चुनाव प्रभारी एवं सुजानपुर विधायक राजेंद्र राणा ने धर्मशाला में उठाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फर्जी डिग्रियां बांटने का मामला शिक्षा के क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा घोटाला है। इतने बड़े स्तर पर घोटाला (Fraud) होने की बावजूद प्रदेश सरकार न्यायालय में मजबूत पक्ष नहीं रख पाई।

राजेंद्र राणा (Rajendra Rana) ने कहा कि फर्जी डिग्री घोटाले मामले में अब तक हुई जांच में पाया गया है कि मानव भारती विवि ने करीब छह लाख फर्जी डिग्रियां बांटी थी। एक-एक डिग्री के एवज में 3 से 10 लाख रुपये लिए थे। इसके हिसाब से मानव भारती विवि (Manav Bharti University) में कम से कम 20 हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। इतने बड़े स्तर का घोटाला होने के बाद भी गिरफ्तार लोगों को जमानत मिल गई और सरकार कुछ नहीं कर पाई।

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शांता कुमार भी सीबीआई जांच का दे चुके हैं सुझाव

प्रदेश सरकार द्वारा इस मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह मामला सीबीआइ को सौंप देना चाहिए। यह मांग सिर्फ विपक्ष ही नहीं कर रहा है, बल्कि बीजेपी सरकार (BJP Govt) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सीएम शांता कुमार भी मामले की सीबीआइ (CBI) जांच करने का सुझाव दे चुके हैं। इसलिए सरकार को मामले की सीबीआइ से जांच करवानी चाहिए।

बीजेपी सरकार में चल रही बेनामी संपत्तियों की खरीद फरोख्त

उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में बेनामी संपतियों की खरीद फरोख्त चल रही है। इसके प्रत्यक्ष उदाहरण है कि धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम के पास 38 कनाल भूमि की रजिस्ट्री 4 जनवरी, 2013 को हुई थी। इस जमीन का सर्कल रेट 20 करोड़ है, लेकिन रजिस्ट्री केवल 75 लाख रुपये में हुई है। चिंतनीय बात ये है कि जिस व्यक्ति के नाम से यह जमीन रजिस्ट्र हुई है वह काठगढ़ इंदौरा क्षेत्र का सामान्य किसान है।

 

 

सर्वे के आधार पर टिकट के दावेदारों के भेजे नाम

टिकट आवंटन में परिवारवाद के प्रश्न पर राजेंद्र राणा ने कहा कि हर कार्यकर्ता को अधिकार है कि वह टिकट की मांग करे। कांग्रेस की ओर से यह बात स्पष्ट है कि टिकट आवंटन में परिवार बिल्कुल नहीं हुआ है। पार्टी की ओर से सर्वे करवाया था, सर्वे में जिन लोगों के नाम शीर्ष पर आए हैं उन्हें टिकट का दावेदार बनाया गया है। दो दिनों में पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा भी हो जाएगी।

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