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1 अक्टूबर 2022 से इनकम टैक्स चुकाने वाला व्यक्ति अब अटल पेंशन योजना में नहीं हो सकेगा शामिल

वित्त मंत्रालय ने गजट जारी कर जारी की नोटिफिकेशन, अब योजना में किया एक बड़ा बदलाव

1 अक्टूबर 2022 से इनकम टैक्स चुकाने वाला व्यक्ति अब अटल पेंशन योजना में नहीं हो सकेगा शामिल

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भारत सरकार ने अटल पेंशन योजना (APY) में एक बड़ा बदलाव किया है। इस संबंध में वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने गजट जारी कर नोटिफिकेशन जारी की है। इस नोटिफिकेशन के अनुसार एक अक्तूबर 2022 से इनकम टैक्स चुकाने वाला शख्स इस योजना में शामिल होने के लिए योग्य नहीं माना जाएगा। इस योजना को मोदी सरकार ने वर्ष 2015 में आरंभ किया था। यह योजना मुख्य रूप से असंगठित सेक्टर के लोगों पर आधारित है। इस संबंध में अब वित्त मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि अब यदि कोई ग्राहक इस योजना के साथ एक अक्तूबर या उसके बाद जुड़ेगा तथा बाद में वह इनकम टैक्स पेयर साबित होता है तो ऐसी दशा में उसका एपीवाई का खाता (Account) बंद कर दिया जाएगा। इस वक्त की जमा की हुई जमा पेंशन की रकम को वापस कर दिया जाएगा। अटल पेंशन योजना उन लोगों को फाइनेंशियल कवरेज देती है जो लोग अपनी सेवा निवृत्ति के बाद अपनी आय को लेकर अनिश्चितता में रहते हैं।

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इस योजना के तहत साठ वर्ष होने पर हर माह 1,000 से लेकर पांच हजार की पेंशन दी जाती है। इस योजना में अठारह वर्ष से चालीस वर्ष का व्यक्ति इन्वेस्टमेंट (Investment) कर सकता है। इसके लिए मिनिमम बीस वर्षों तक उस व्यक्ति की ओर से निवेश करना जरूरी हो जाता है। वहीं एक हजार से पांच हजार हर माह पेंशन प्राप्त करने के लिए 42 से लेकर 210 रुपए हरमाह भुगतान करना जरूरी होगा। तभी होगा जब यह योजना 18 वर्ष के लिए ली जाती है। यदि कोई सब्सक्राइबर चालीस वर्ष की उम्र (Age) में इस योजना को लेता है तो उसे फिर 291 से लेकर 1454 रुपए हर महीने देने होंगे। सब्सक्राइबर जितना कंट्रीब्यूशन करेगा सेवानिवृत्ति के बाद उसे उतनी ही अधिक पेंशन भी दी जाती है।

वहीं यदि किसी की मौत हो जाती है तो ऐसी दशा में उसके जीवनसाथी को समान पेंशन का भुगतान किया जाता है। दोनों की मौत हो जाए तो साठ साल तक जमा की गई राशि उसके नॉमिनी को वापस कर दी जाती है। यदि भुगतान करने वाले की मौत साठ वर्ष से पहले ही हो जाए तो बची अवधि तक कंट्रीब्यूशन जारी रख सकता है। सरकार की ओर से इस योजना की पूरी गारंटी दी जाती है। इस योजना के तहत मंथली (Monthly) , क्वार्टरली या सेमी एनुअल किस्त दी जा सकती है। कंट्रीब्यूशन ऑटो डेबिट हो जाएगी। वहीं इसके लिए ऑनलाइन खाता (Online account) भी खोला जा सकता है। इसके अतिरिक्त बैंक में भी इसके लिए अकाउंट खुलवाया जा सकता र्है। इसके लिए फार्म कर संबंधित दस्तावेज बैंक में जमा कराने होंगे। जब ये दस्तावेज अप्रूव हो जाएंगे तो मोबाइल पर मैसेज भी आ जाएगा।

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