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सरकार ने दिया प्रस्ताव: Check bounce होने पर जेल-जुर्माने की सजा हो सकती है खत्म!

सरकार ने दिया प्रस्ताव: Check bounce होने पर जेल-जुर्माने की सजा हो सकती है खत्म!

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नई दिल्ली। किसी कारोबारी को दिया हुआ चेक बाउंस (Check bounce) हो जाता है या किसी स्थिति में लोन का पेमेंट नहीं हो पाता है तो ऐसे मामले में जेल (Jail) नहीं जाना होगा। दरअसल केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने चेक बाउंस होने समेत 19 आर्थिक अपराधों को अपराध की श्रेणी (Crime Category) से बाहर रखने का प्रस्ताव दिया है जिससे कारोबारी सुगमता को बढ़ावा मिले और अदालतों पर बोझ कम हो। अभी इसके लिए दो साल तक जेल या रकम का दोगुना जुर्माना (Fine) या फिर दोनों का प्रावधान है। वित्तीय सेवा विभाग ने इस पर सुझाव मांगे हैं।

प्रस्ताव पर संबंध पक्षों से 23 जून तक सुझाव/विचार सौंपने को कहा

रिपोर्ट्स के अनुसार मौजूदा आर्थिक हालत में लिक्विडीटी कमजोर होने और व्यापार को आसान बनाने के लिए सरकार ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रही है। फाइनेंस मिनिस्‍ट्री का कहना है कि इससे कारोबार में बढ़ोतरी होगी और लोगों को अनचाही दिक्‍कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।


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मंत्रालय ने अपने इस प्रस्ताव पर संबंध पक्षों से 23 जून तक अपने सुझाव और विचार सौंपने को कहा है। प्रस्‍ताव के मुताबिक यह सरकार के सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के उद्देश्य के तहत उठाया गया कदम है। मंत्रालय ने कहा कि विभिन्न पक्षों से के सुझावों के बाद फाइनेंशियल सर्विसेज डिपार्टमेंट इस बारे में फैसला करेगा।

आम प्रकृति के उल्लंघनों को भी अपराध की श्रेणी में रखा गया है

मंत्रालय ने निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, सरफेशी एक्ट, एलआईसी एक्ट, पीएफआरडीए एक्ट, आरबीआई एक्ट, बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट और चिट फंड्स एक्ट सहित 19 कानूनों की 36 धाराओं में गैर-अपराधीकरण (decriminalization) का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही एक्चुअरीज एक्ट, जनरल इंश्योरेंस बिजनेस (राष्ट्रीयकरण) कानून, गैर-नियमन वाली जमा योजनाओं पर रोक लगाने संबंधी कानून, दि डीआईसीजीसी एक्ट और दि प्राइज चिट्स एण्ड मनी सकुर्लेशन स्कीम (बैनिंग) एक्ट भी इन कानूनों में शामिल किए गए हैं। इन कानूनों के तहत कई नियम ऐसे हैं, जिनमें छोटी आम प्रकृति के उल्लंघनों को भी अपराध की श्रेणी में रखा गया है। बहरहाल, सरकार इन सभी नियमों के उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के बारे में संबंधी पक्षों से उनकी राय और सुझाव लेगी उन पर गौर करेगी और उसके बाद आगे का कदम उठाएगी।

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