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टैक्सी चालक से पकड़े पैंगोलिन के स्केलस, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों में

 गश्त के दौरान हमीरपुर पुलिस को मिली सफलता

टैक्सी चालक से पकड़े पैंगोलिन के स्केलस, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों में

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हमीरपुर। कोरोनाकाल के बीच हिमाचल प्रदेश में वन्य जीवों के अंगों की तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं। इसी बीच हमीरपुर में एक व्यक्ति से दुर्लभ प्रजाति के जानवर पैंगोलिन के स्केलस(  Pangolin scales)बरामद किए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेगोलिन स्केलस की कीमत बाजार में 4 से 10,00000 रुपए प्रति किलो बताई जा रही है ।पुलिस ने मामला दर्ज करके व्यक्ति को गिरफ्तार( Arrest) कर लिया है। हमीरपुर पुलिस की टीम 3.15 बजे  झिरालड़ी के पास गश्त पर  थी। इस दौरान  भोटा की तरफ से एक टैक्सी आई। पुलिस ने जब उसे चैकिंग ( checking)के लिए रोका तो टैक्सी चालक पुलिस को देखकर घबरा गया। शक के आधार पर  जब  गाड़ी की तलाशी ली गई तो गाड़ी की डिग्गी के अन्दर एक प्लास्टिक के थैले  अन्दर दुर्लभ प्रजाति के जंगली जानवर (पैंगोलिन) के स्केलस पाए गए। जिनका कुल वज़न 4 किलो 424 ग्राम पाया गया।

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पूछताछ करने पर टैक्सी चालक ने अपना नाम सुनील कुमार पुत्र कुलदीप चन्द गांव कोटलू डाकघर पट्टा, तहसील भोरंज जिला हमीरपुर बताया।  पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और  जांच की जा रही है। एसपी हमीरपुर कार्तिकेयन गोकुल चंद्रेन ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि हमीरपुर में व्यक्ति ऑनलाइन पैंगोलिन की स्केलस को बेच रहा है, जिसके बाद इस व्यक्ति को पकड़ा गया है।  पुलिस ने वन्य जीव प्राणी संरक्षण अधिनियम धारा 51 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। जाहिर है रविवार को चंबा जिला में भी चार लोगों से हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्य पक्षी मोनाल की कलगी व पंख बरामद किए थे।


लुप्त होने की कगार पर है ये जंगली जीव

दुनिया भर आज बहुत से ऐसे जीव-जंतुओं की प्रजातियां हैं जो लगभग लुप्त होने की कगार पर हैं। पैंगोलिन भी ऐसा ही एक जंगली जीव है। इसकी पहचान इसके शरीर पर केराटिन के बने शल्कनुमा (स्केल) संरचना से होती है, जिससे यह अन्य प्राणियों से अपनी रक्षा करता है। हालाँकि यह आकार में किसी पालतू बिल्ली के बराबर होता है। इस जीव के कोई दांत नहीं होते हैं और न ही ये जीव किसी पर हमला करते हैं। अगर कभी इन्हें खतरे का आभास होता है तो यह खुद को एक बॉल की तरह समेट लेते हैं। तस्कर इसको मोटी रकम पर विदेशों में बेच देते हैं। इसकी स्केल (ऊपरी खाल) सोने के भाव बिकती है ।

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