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हमेशा मंदिर में उत्तर दिशा में ही रखें गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति, आएगी सुख-समृद्धि

शास्त्रों के अनुसार विशेष अवसरों पर दोनों को एक साथ पूजन का है विधान

हमेशा मंदिर में उत्तर दिशा में ही रखें गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति, आएगी सुख-समृद्धि

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हम घर में देवी-देवताओं के पूजन के लिए अपनी हैसियत के अनुसार मंदिर बनाते हैं। उसमें अपने ईष्ट देवी-देवताओं को विराजमान कर पूजन करते हैं ताकि हमारे घर में सुख-शांति (happiness and peace) का वास हो। गणेश भगवान और माता लक्ष्मी को बहुत ही शुभ माना गया है। क्योंकि किसी भी कार्य का यदि शुभारंभ करना हो तो सबसे पहले श्रीगणेश के पूजन का ही विधान है। इसी प्रकार लक्ष्मी माता लक्ष्मी को देने वाली है। इसलिए हर कोई इन दोनों का पूजन करता है और इनकी मूर्तियां घर में स्थापित करते हैं। हम मूर्तियां ले तो आते हैं मगर हमें यह पता नहीं होता कि इनकी मूर्तियां (sculptures) किस दिशा में होनी चाहिए। यदि दिशा का सही ज्ञान नहीं रखा जाएगा तो हमें पूजन का प्रतिफल भी सही नहीं मिलेगा। वास्तुशास्त्र के अनुसार इनकी मूर्तियों को रखने का एक अपना विधान है। इनको सही दिशा में ही रखा जाना चाहिए। आइए आज आपको बताते हैं कि गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्ति को किस दिशा में रखा जाना चाहिए।

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हिंदू धर्म मान्यताओं के अनुसार गणेश जी का ज्ञान का देवता माना गया है। वहीं माता लक्ष्मी को ऐश्वर्य की देवी माना गया है। दोनों को पूजा वाले स्थान पर एक साथ ही रखा जाता है। दीपावली और अक्षय तृतीया पर इनकी पूजा की जाती है। यदि किसी व्यक्ति के पास ज्ञान नहीं होगा तो वह धन का प्रयोग गलत कार्यों में करता है। इसलिए इन दोनों की मूर्तियों को पूजन के दौरान एक साथ रखा जाता है ताकि धन और ज्ञान दोनों की प्राप्ति हो जाए।

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गणेश जी और मां लक्ष्मी की मूर्ति को मंदिर में उत्तर दिशा में रखना चाहिए। इसके पीछे एक पौराणिक कथा जुड़ी हुई है। इस कथा के अनुसार एक बार शिव भगवान ने क्रोध में आकर गणेश का सिर धड़ से अलग कर दिया था। जब भगवान शिव (Lord Shiva) को पता चला कि यह तो मैंने अपने बेटे का ही सिर धड़ से अलग कर दिया है तो उन्होंने अपने दूतों को उत्तर दिशा (north direction) में भेजा और कहा कि जो प्राणी पहले मिल जाए उसका सिर ले आओ। शिव जी आज्ञा पाकर जब दूत गए तो उन्हें सबसे पहले हाथी ही मिला। इसलिए वे एरावत हाथी का सिर लेकर आ गए। इसी कारण गणेश जी की मूर्ति उत्तर दिशा में रखी जाती है।

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कई बार भक्त अज्ञानतावश माता लक्ष्मी की मूर्ति को बाईं ओर रख देते हैं। ऐसा भूलकर भी ना करें। ऐसा करने से घर की आर्थिक दशा खराब होती चली जाती है। दरअसल पुरुषों की बाईं ओर केवल पत्नी को ही बिठाया जाता है। मगर माता लक्ष्मी जी गणेश भगवान की पत्नी नहीं हैं। यदि कोई ऐसा करता है तो घर में धन की हानि होने लगती है। कंगाली छाने लगती है। इसलिए माता लक्ष्मी की मूर्ति को हमेशा दाईं ओर ही रखना चाहिए।

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