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पशुओं के चारे की समस्या खत्म, Video स्टोरी देखें, अब ऐसे उगेगा चारा
ऊना । पशुपालन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। पशुपालकों को पशुओं के लिए चारे का उत्पादन अब एक बंद कमरे में भी संभव हो सकेगा। मशरूम उत्पादन ( Mushroom production) के क्षेत्र से सफर शुरू करने वाले जिला ऊना(Una Distt) के अग्रणी किसान युसूफ खान ने हाइड्रोपोनिक तकनीक (Hydroponic technology) से इस काम को सर अंजाम देकर पशुपालन व्यवसाय को एक नई राह दिखाने का प्रयास किया है। चारा उगाने के लिए भूमि की कमी वाले पशुपालन व्यवसाय से जुड़े लोग अब अपनी पशुशालाओं या घरों में बने कमरों में चारे का उत्पादन कर अपने व्यवसाय को मजबूती प्रदान कर सकेंगे।
गौरतलब है कि यूसुफ खान ने मशरूम उत्पादन से अपना सफर शुरू किया था और हाइड्रोपोनिक तकनीक से उन्होंने सब्जियों का उत्पादन( Vegetable production) करते हुए इस व्यवसाय को एक नई राह दिखाई थी। लेकिन अब युसूफ खान ने मशरूम और सब्जी उत्पादन के बाद हाइड्रोपोनिक तकनीक से फोडर (चारे) का उत्पादन कर पशुपालकों के लिए एक नया आयाम स्थापित कर दिया है।
यह तकनीक हाइड्रोपोनिक्स तकनीक है, जिसमें बिना मिट्टी या बिना किसी अन्य मृदा संबंधित तत्व से चारे का उत्पादन किया जा सकता है। इस तकनीक से चारे का उत्पादन करने में जहां पानी का कम प्रयोग होगा वहीँ अतिरिक्त न्यूट्रिशन की खपत भी कम आएगी। इस तकनीक से तैयार चारा खाने से पशु का दूध गाढ़ा होगा और दूध उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी। इस चारे को तैयार होने में मात्र 7 से 10 दिन का समय लगता है। इस समय युसूफ अपने पॉलीहाउस में हाइड्रोपोनिक तकनीक से कई प्रकार की सब्जियों के उत्पादन पर शोध कर रहे है वही इस विधि से लैट्यूस का सफल उत्पादन कर रहे है। इसके साथ ही युसूफ द्वारा फूलों की खेती भी की जा रही है।
युसूफ खान किसानों के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत है और पिछले लंबे समय से प्रशिक्षण केंद्र भी चला रहे है जिसमें सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र प्रशिक्षण प्राप्त करते है। हाइड्रोपोनिक तकनीक से चारे का उत्पादन करने वाले जिला के अग्रणी किसान युसूफ खान कहते हैं कि इस विधि से हर मौसम में चारा तैयार किया जा सकता है जिससे किसानों को मौसम के चलते किसी प्रकार की कोई दिक्कत दरपेश नहीं आएगी।
