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जिन्हें आप शाकाहार समझकर खाते हैं असल में वो हैं मांसाहार-पांच बिंदु पर करना गौर

व्हाइट शुगर को नैचुरल कार्बन से किया जाता है साफ जो जानवरों की हड्डियों से बनता है

जिन्हें आप शाकाहार समझकर खाते हैं असल में वो हैं मांसाहार-पांच बिंदु पर करना गौर

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हम खाने-पीने के मामले में इस बात को लेकर हमेशा सतर्क रहते हैं कि कहीं जो हम खा रहे हैं वो मांसाहार तो नहीं। ये उनके लिए है जो शाकाहारी (Vegetarian) होते हैं। लेकिन यहां हम गच्चा खा जाते हैं,शाकाहारी होते हुए भी मांसाहार खाते रहते हैं,लेकिन हमें उसका तनिक भी आभास नहीं होता। तो आइए आज हम पांच बिंदुओं पर गौर फरमाएंगे,कि कैसे हम शाकाहारी होते हुए भी (Non-Vegetarians) मांसाहार खाते रहते हैं।

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पहला बिंदु ये है कि अगर आप रिफाइंड शुगर (Refined Sugar) का प्रयोग करते हैं तो आपको पता होना चाहिए कि व्हाइट शुगर को साफ करने के लिए नेचुरल कार्बन का इस्तेमाल किया जाता है जो जानवरों की हड्डियों (Animal Bones) से बनाया जाता है। तो ऐसे में ये मांसाहार ही तो हुआ। इसी तरह कुकिंग ऑयल जिसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है और खास तौर से जिन तेलों में विटामिन (Vitamins) होने का कंपनियां दावा करती हैं, दरअसल वे तेल पूरी तरह से शाकाहार नहीं होते। इस तरह के तेलों में लेनोलिन नामक तत्व पाया जाता है जो कि भेड़ से मिलता है। ऐसे में ये भी शाकाहार कैसे हुआ।


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आपको पता है कि जैम और जैली को बनाने में जिलेटिन का इस्तेमाल किया जाता है और जिलेटिन शाकाहारी नहीं है बल्कि इसे जानवरों से हासिल किया जाता है। इसलिए शाकाहारी इस बात को लेकर सचेत रहें। इसी तरह घर पर बने सूप के अलावा अगर आप किसी रेस्टोरेंट में सूप पीते हैं या इंस्टेंट सूप लेते हैं तो ये जरूरी नहीं कि शाकाहारी हो। इसे बनाने में सॉस का इस्तेमाल किया जाता है, वो मछली से प्राप्त की गई चीजों से बनता है। इसलिए इस बात का जरूर ध्यान रखें कि आपको क्या करना है। अंत में हम बात करेंगे बियर, वाइन या अन्य रिफाइंड शराब के बारे में। इन्हें साफ करने के लिए इजिनग्लास का इस्तेमाल होता है, जो कि मछली के ब्लैडर (Fish Bladders) से बनाया जाता है इसलिए इन्हें पूरी तरह से शाकाहार नहीं कहा जा सकता। अब आपको तय करना है कि शाकाहारी होते हुए आप इनका इस्तेमाल करेंगे या नहीं।

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