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चिंतपूर्णी मंदिर न्यास के वीडियो का दुरुपयोग: QR कोड लगाकर मांगे पैसे, श्रद्धालुओं की सतर्कता से खुला राज
Himachal News: धार्मिक स्थल मां चिंतपूर्णी मंदिर न्यास के आधिकारिक यूट्यूब चैनल का अनुचित लाभ उठाकर श्रद्धालुओं को भ्रमित करने का एक मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने मंदिर न्यास के आधिकारिक यूट्यूब चैनल से वीडियो शेयर कर अपने चैनल पर एक फर्जी क्यूआर कोड (QR Code) स्कैनर लगा दिया। मंदिर न्यास का अधिकृत भुगतान विकल्प समझकर कुछ श्रद्धालुओं ने इस स्कैनर के माध्यम से पैसे भी ट्रांसफर कर दिए।जब लेनदेन को लेकर श्रद्धालुओं को संदेह हुआ, तो उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी मंदिर प्रशासन को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने स्थानीय पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस की मुस्तैदी से बैकफुट पर आया आरोपी
शिकायत मिलने के बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी व्यक्ति की पहचान कर ली। पुलिस की सख्ती के बाद आरोपी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और श्रद्धालुओं द्वारा अपने खाते में मंगवाई गई 1,700 रुपये की राशि मंदिर न्यास के आधिकारिक बैंक खाते में जमा करवा दी है।
कॉपीराइट उल्लंघन के एंगल से भी जांच जारी
अंब के एसडीएम और मंदिर न्यास के सह-आयुक्त पारस अग्रवाल ने बताया कि स्कैनर शेयर करने वाले व्यक्ति की पहचान कर ली गई है और श्रद्धालुओं की ओर से भेजी गई राशि को मंदिर न्यास के खाते में ट्रांसफर करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस अब इस मामले में कॉपीराइट कंटेंट के उल्लंघन के एंगल से भी गहराई से जांच कर रही है, ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक न्यास की सामग्री का दुरुपयोग न कर सके।
1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का भरोसा
गौरतलब है कि मां चिंतपूर्णी के लाइव दर्शनों के लिए मंदिर न्यास के आधिकारिक यूट्यूब चैनल से 1 लाख से अधिक श्रद्धालु जुड़े हुए हैं। इसी लोकप्रियता का फायदा उठाकर आरोपी ने श्रद्धालुओं को झांसे में लेने का प्रयास किया था। मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की है कि वे किसी भी तरह का दान या सहयोग केवल मंदिर न्यास की आधिकारिक वेबसाइट, प्राधिकृत काउंटर या सत्यापित क्यूआर कोड के माध्यम से ही करें।
सुनैना जसवाल
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