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शिक्षा की जमीनी हकीकत परखने मैदान में उतरेंगे HPBoSE अध्यक्ष डॉ. राजेश, छात्रों से संवाद कर जांचेंगे पढ़ाई का स्तर
HPBoSE:हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBoSE) के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा एक बार फिर एक्शन मोड में आ गए हैं। राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए वे अब कागजी रिपोर्टों के बजाय खुद जमीनी हकीकत परखेंगे। इसी माह से कांगड़ा और इसके आसपास के इलाकों में स्थित सरकारी और निजी स्कूलों में सघन निरीक्षण अभियान शुरू होने जा रहा है, जिसकी कमान स्वयं बोर्ड अध्यक्ष संभालेंगे।
इस अभियान के तहत डॉ. राजेश शर्मा फील्ड में उतरकर स्कूलों की कार्यप्रणाली का औचक निरीक्षण करेंगे। उनका मुख्य फोकस इस बात पर होगा कि स्कूलों में निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार सही ढंग से पढ़ाई हो रही है या नहीं। इसके अलावा, पाठ्यपुस्तकों की समय पर उपलब्धता, उनका सही उपयोग और सिलेबस की प्रगति का भी बारीकी से जायजा लिया जाएगा।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. शर्मा का स्पष्ट मानना है कि शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन वातानुकूलित कमरों में बैठकर केवल रिपोर्टों के माध्यम से नहीं किया जा सकता। इसी सोच के साथ यह अभियान शुरू किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान वे सीधे विद्यार्थियों से संवाद करेंगे, ताकि उनकी वास्तविक शैक्षणिक जरूरतों, समस्याओं और पढ़ाई के स्तर को करीब से समझा जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि सरकारी और निजी, दोनों तरह के स्कूलों में बोर्ड द्वारा तय किए गए शैक्षणिक मानकों का कड़ाई से पालन होना अनिवार्य है। इस अभियान का मकसद सिर्फ कमियां निकालना नहीं है, बल्कि निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली खामियों को दूर करने के लिए तुरंत नियमानुसार सुधारात्मक कदम उठाना है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। डॉ. शर्मा के नेतृत्व में शुरू हो रहा यह निरीक्षण अभियान प्रदेश के स्कूलों में एक बेहतर, पारदर्शी और प्रभावी शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
राहुल कुमार
