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हिमाचल में मॉकड्रिल से समझाया ईवीएम को ले जाना और सेट करना
शिमला। प्रदेश में 59 स्थानों पर 68 काउंटिंग सेंटर (Counting Centre) बनाए गए हैं। सुरक्षा के पूरे प्रबंध हो चुके हैं। सुरक्षा व्यवस्था में दस हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। चुनाव परिणामों की रियल टाइम की जानकारी हासिल के करने के लिए वोटर हेल्पलाइन ऐप (Helpline App) का प्रयोग किया जा सकता है। इस ऐप को स्मार्ट फोन में डाउनलोड करने के बाद रुझान पता किए जा सकेंगे। वहीं मतगणना को लेकर जिलों में मॉकड्रिल भी करवाई गई। इसमें कर्मचारियों को बताया गया कि स्ट्रॉन्ग रूम से ईवीएम(EVM) को काउंटिंग हॉल तक कैसे लाना है और किस तरह काउंटिंग टेबल पर सेट करना है। काउंटिंग खत्म होने के बाद ईवीएम को जिला हेडक्वार्टर तक कैसे पहुंचाना है।
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वहीं काउंटिंग के सीटिंग अरेंजमेंट की सारी जिम्मेदारी आब्जर्वर (Observer) की होगी। काउंटिंग हॉल में जाने से पहले ऑब्जर्वर मतगणना कर्मचारियों की सीटिंग अरेंजमेंट का प्लान तैयार करेंगे। किस काउंटिंग टेबल पर कौन सा कर्मचारी बैठेगा, यह ऑब्जर्वर तय करेगा। ऐसा इसलिए ताकि मतगणना का काम फुलप्रूफ तरीके से संपन्न हो सके। एक बार काउंटिंग हॉल में प्रवेश करने के बाद मतगणना कर्मचारी, राजनीतिक पार्टियों के एजेंट बाहर नहीं आ सकेंगे। बहुत जरूरी होने पर ही बाहर जाने की अनुमति दी जाएगी। उनकी सारी जरूरतों का प्रबंध काउंटिंग हॉल में ही किया गया है। काउंटिंग हॉल से 100 मीटर के दायरे में लोगों के आने.जाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। वहीं इस संबंध में राज्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि मतगणना संबंधी सभी काम पूरे कर लिए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। ऑब्जर्वर की निगरानी में मतगणना का काम होगा। मतगणना के बाहर लोगों की ज्यादा भीड़ न जुटे इसके लिए वोटर हेल्पलाइन एप की सेवा शुरू की गई है। इसमें लोग मतगणना को लेकर रियल टाइम जानकारी हासिल कर सकते हैं।
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