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धर्म-संस्कृति

culture and spirituality

पापांकुशा एकादशीः आज भगवान विष्णु की पूजा करने से पूरी होगी मनोकामना

हिंदू धर्म में एकादशी को पुण्य कार्यों के शुभ माना जाता है। आज पापांकुशा एकादशी है और आज किया जाने वाला व्रत भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित है। इस व्रत के समान अन्य कोई व्रत नहीं है।

विजय दशमी : इस मुहूर्त में करें रावण का दहन

पं. दयानन्द शास्त्री के अनुसार दशहरा नाम संस्कृत भाषा से उत्पन्न हुआ है जिसे विच्छेद करने से बनता है ‘दशा’ यानि दस एवं ‘हारा’ यानी हार जिसका अर्थ है दस सर वाले रावण की हार।

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चार भुजाओं वाली माता सिद्धिदात्री

मां सिद्धिदात्री को मां सरस्वती का दूसरा स्वरूप भी माना जाता है। जो श्वेत वस्त्रों के साथ मधुर स्वर और महाज्ञान से भक्तों को सम्मोहित करती है। आज के दिन सिद्धियों वाली भगवती सिद्धिदात्री को मनाने से साधक का निर्वाण चक्र जागृत होता है।

कन्‍या पूजन के बाद जरूर करवाएं चंडी हवन, पूरी होगी हर मनोकामना

नवरात्र में अष्‍टमी और नवमी पर हवन आदि करवाना बहुत शुभ माना जाता है। मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए और सुख शांति के लिए लोग घरों में चंडी हवन करवाते हैं।

पापों का नाश करती हैं मां महागौरी

नवरात्र के आठवें दिन मां महागौरी की आराधना की जाती है। आज के दिन मां की स्तुति से समस्त पापों का नाश होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार मां ने कठिन तप कर गौरवर्ण प्राप्त किया था।

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तामसी शक्तियों का नाश करती हैं मां कालरात्रि

चार भुजाओं वाली मां के ऊपर उठे हुए दाहिने हाथ से सभी को वर प्रदान करती हैं। दाहिनी तरफ का नीचे वाला हाथ अभय मुद्रा में है। बायीं तरफ के ऊपर वाले हाथ में लोहे का कांटा और नीचे वाले हाथ में खड्ग (कटार) है।

दुर्गा का छठा रूप हैं मां कात्यायनी

साधक, आराधक जन इस दिन मां का स्मरण करते हुए अपने मन को आज्ञा चक्र में समाहित करते हैं। योग साधना में आज्ञा चक्र का बडा महत्व होता है। नवरात्र का छठा दिन भगवती कात्यायनी की आराधना का दिन है।

सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी स्कंदमाता

स्कंदमाता सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी हैं| इनकी उपासना करने से साधक अलौकिक तेज की प्राप्ति करता है | यह अलौकिक प्रभामंडल प्रतिक्षण उसके योगक्षेम का निर्वहन करता है।

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तेज की देवी माता कुष्मांडा

कुष्मांडा देवी के शरीर की चमक भी सूर्य के समान ही है कोई और देवी देवता इनके तेज और प्रभाव की बराबरी नहीं कर सकतें। माता कुष्मांडा तेज की देवी है इन्ही के तेज और प्रभाव से दसों दिशाओं को प्रकाश मिलता है।