-
Advertisement
बड़सर में जड़ों से उखाड़े जा रहे खैर के पेड़, वन विभाग की आंखों में झोंकी जा रही धूल
बड़सर। हमीरपुर के उपमंडल बड़सर (Barsar) में खैरों के कटान के दौरान खैर के पेड़ों (Tress of Khair) को जड़ों से उखाड़ा जा रहा है और वन विभाग की आंखों में धूल झोंकी जा रही है। इतना ही नहीं बिना मार्क किए गए खैरों को भी काटा जा रहा है। वन विभाग (Forest Department) के मुख्य अरण्यपाल निशांत मल्होत्रा ने बताया है कि मामले को लेकर वन अधिकारी को निर्देश दिए जाएंगे।
ठेकेदार कर रहे नियमों की अवहेलना
जानकारी के अनुसार, बड़सर के अंतर्गत आने वाली सठवीं वन बीट में दस वर्षीय अवधि के तहत बचे हुए खैरों को काटने की परमिशन वन विभाग ने कुछ ठेकेदारों (Contractors) को दी है। जिसके चलते खैरो की कटान का काम सठवीं, सुदर, बोनी इत्यादि गांवों में चला हुआ है। जिसमें ठेकेदार द्वारा जमींदारों को खैरों के ऊपरी हिस्से के पैसे दिए गए हैं। लेकिन ठेकेदारों द्वारा नियमों की अवहेलना कर खैरों को जड़ों से ही उखाड़ा जा रहा है। वन विभाग ने जमींदारों के खैरों की रेवन्यू विभाग के साथ जमींदारों की सहमति से मिलकर खसरा वाइज निशानदेही कर खैरों को क्लासवाइज मार्किंग करवाई गई है, ताकि खसरा नम्बर से मार्क किए गए खैर ही काटे जा सकते हैं। लेकिन ठेकेदार बिना मार्क किए गए खैरों को काट रहे हैं।
नियमों के आधार पर ही होगा खैरों का कटान
वहीं, वन विभाग के मुख्य अरण्यपाल निशांत मल्होत्रा की बताया कि वन विभाग के पास पहले कोई शिकायत नहीं आई थी लेकिन अब इस मामले पर गौर किया जाएगा और वन अधिकारी को निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार (Govt.) द्वारा निर्धारित नियमों के आधार पर ही खैरों का कटान किया जाए। अगर अनियमितता पाई गई तो ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group

