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आउटसोर्स कर्मियों को नौकरी से निकाल देना कोई बड़ी बात नहीं: सुक्खू
शिमला। हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तीन आउटसोर्स कर्मचारियों (Outsource Workers) को नौकरी से निकाल दिए जाने के विवाद पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को यहां कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी निजी कंपनियों (Private Companies) के जरिए रखे जाते हैं। ऐसे में उनको नौकरी से निकाल दिया गया, जो बड़ी बात नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि इस मामले में असंतोष है।
गौरतलब है कि कल ही शिमला में आउटसोर्स कर्मचारियों का राज्य स्तरीय अधिवेशन हुआ था। इसमें भाग लेने वाले आउटसोर्स कर्मियों ने हर विभाग में कर्मियों की छंटाई और शोषण (Exploitation) के आरोप लगाए थे। आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ सरकार से पहले ही यह मांग कर चुका है कि राज्य के विभिन्न विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों की सीधी भर्ती की जाए और कर्मचारियों के आजीविका की सुरक्षा को लेकर एक स्थायी नीति बनाई जाए।
राज्य के हिस्से के 315 करोड़ देने का वादा
दिल्ली प्रवास से शिमला पहुंचने पर प्रेसवार्ता में सुक्खू ने बताया कि केंद्र सरकार ने आपदा राहत कोष (SDRF) से हिमाचल प्रदेश के हिस्से में बचे 315 करोड़ की रकम को जल्द जारी करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, प्रदेश को अतिरिक्त राहत के लिए केंद्र की ओर से राज्य में भेजी गई टीम की रिपोर्ट के आने का इंतजार करना होगा। इस रिपोर्ट के बाद हिमाचल प्रदेश को अतिरिक्त राहत देने का केंद्र ने आश्वासन दिया है। दिल्ली प्रवास के दौरान सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई मंत्रियों से भेंट कर उन्हें राज्य में बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड (Himachal Calamity) से हुई तबाही की जानकारी देते हुए आर्थिक सहायत पैकेज देने का आग्रह किया था।
राहुल की सदस्यता बहाली सच की जीत
यहां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस कार्यक्रम में शिरकत के बाद प्रेस से बात करते हुए सुक्खू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की लोकसभा सदस्यता बहाल होने पर कहा कि जितनी जल्दी उनकी सदस्यता को रद्द किया गया, वह सरासर गलत था। सीएम ने उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह फैसला स्वागत के योग्य है। झूठ कई बार सच से लड़ता है लेकिन हमेशा सच्चाई की जीत होती है।

