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इस शहर का हर आदमी कमाता है 32.62 लाख रुपए, यहां लोग नहीं पहनते कपड़े, जानिए विस्तार से

जापान-फ्रांस से भी ज्यादा कमाते हैं इस छोटे से शहर के लोग

इस शहर का हर आदमी कमाता है 32.62 लाख रुपए, यहां लोग नहीं पहनते कपड़े, जानिए विस्तार से

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किसी भी देश, राज्य या शहर की इकोनॉमी को मापना हो तो इसके लिए देखी जाती है उसकी कैपिटा इनकम यानी प्रति व्यक्ति औसत आय। इसी के आधार पर पता लगाया जाता है कि वहां के लोगों की इनकम औसतन कितनी होगी। आज हम आपको ऐसे एक शहर के बारे में जहां पर कैपिटा या जीआरपी जापान और फ्रांस (Japan and France) जैसे बड़े देशों से भी ज्यादा है। हम बात कर रहे हैं इंग्लैंड के काउंटी यानी एक शहर हर्टफोर्डशायर की। यहां की आबादी लाखों में है और यहां की कैपिटा इनकम करीब 46,600 डॉलर है यानी भारतीय रुपए में इसका आंकलन करें तो यहां का हर व्यक्ति करीब 32.62 लाख रुपए कमाता है। हर्टफोर्डशायर (Hertfordshire) की पर कैपिटा इनकम जहां 46,600 डॉलर है तो वहीं इसके नीचे कई देश आते हैं जिसमें जापान का हाईलैंड्स आइसलैंड, फ्रांस का वार्कविकशायर, न्यूजीलैंड का ईस्टर्न स्कॉटलैंड भी शामिल है। इन देशों के प्रमुख शहरों की प्रति व्यक्ति आय हर्टफोर्डशायर से कम है। वहीं इटली, कुवैत, ब्रुनेई जेसै देशों के कई शहरों की पर कैपिटा इनकम भी इससे कम है।


इकोनॉमी (Economy) की बात करें तो यहां पर कृषि, इंडस्ट्री, सर्विस तीनों ही सेक्टर में अच्छी ग्रोथ दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक 1995 में जीवीडी यानी ग्रास वैल्यू एडेड का रेश्यों 11,742 था जो 2003 तक बढ़कर 20,937 पर जा पहुंचा और अभी भी ग्रोथ में है। कंपनियों की बात करें तो इस छोटे से शहर में यूके की मशहूर कंपनियों का ऑफिस मौजूद है। जहां से यहां के लोगों को रोजगार भी मिला हुआ है। यहीं नहीं, इस शहर में यूके की सबसे बड़ी फार्मा एसोसिएशन (Pharma Association) एनपीए का भी ट्रेड काफी बड़ा है जिसके जरिए फार्मा सेक्टर में एक बड़ा रोजगार का अवसर मिलता है। आंकड़ों और लोगों की कमाई के लिहाज से यह छोटा सा शहर अपने आप में एक बड़ा उदाहरण है।

इस शहर की एक और खास बात ये भी है कि यहां के लोग कपड़े नहीं पहनते। दरअसल, करीब 11.90 लाख की आबादी वाले इस शहर की स्थापना 1929 में की गई थी। तब से इस शहर के लोगों ने खुद ही फैसला किया वो जब तक कोई खास जरूरत ना हो कपड़े नहीं पहनेंगे। इस फैसले का मकसद दुनिया की बाकी चकाचौंध से दूर रहना भी बताया जाता है। हालांकि कि खास मौकों पर यहां के लोग कपड़े पहनते हैं।

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