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ईसाई धर्म नहीं मानता जिंगल बेल को क्रिसमस सॉंग, जानिए क्या है कारण

मराठी और भोजपुरी भाषा में भी उपलब्ध है यह गाना

ईसाई धर्म नहीं मानता जिंगल बेल को क्रिसमस सॉंग, जानिए क्या है कारण

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दुनियाभर में 25 दिसंबर यानी क्रिसमस डे (Christmas Day) को लेकर काफी धूम मची हुई है। सांता क्लॉज, क्रिसमस ट्री और क्रिसमस सॉंग के बिना क्रिसमस डे अधूरा माना जाता है।खासतौर पर क्रिसमस के दिन जिंगल बेल (Jingle Bell), जिंगल बेल सॉंग सुनाई देता है। कई बार यह सॉन्ग हॉलीवुड और बॉलीवुड की फिल्मों में इस्तेमाल किया जा चुका है। आज कल इस गाने के कई सारे वर्जन आ गए हैं। यह गाना मराठी और भोजपुरी भाषा में भी उपलब्ध है।

जिंगल बेल सॉंग को ईसाई धर्म के क्रिसमस सॉंग (Christmas Song) ना मान कर थैंक्सगिविंग सॉंग (Thanksgiving Song) मानते हैं। इस सॉंग को 1850 में जेम्स पियरपॉन्ट नाम के म्यूजिक डायरेक्टर ने वन हॉर्स ओपन स्लेई शीर्षक से लिखा था। रिलीज के दो साल बाद इसका शीर्षक बदल कर जिंगल बेल्स कर दिया गया। 1857 में पहली बार यह सॉंग आम दर्शकों के सामने गाया गया था। 1890 तक यह गीत क्रिसमस का हिट सॉंग बन गया था। इस गाने में कभी भी क्रिसमस का उल्लेख नहीं मिलता है, लेकिन फिर भी यह गाना क्रिसमस के गाने के रूप में मशहूर हो गया है। जिंगल बेल के बिना अब क्रिसमस का दिन अधूरा लगता है। सांता क्लॉज के हाथ में उपहारों के साथ एक घंटी नजर आती है, जिस कारण अब इस सॉंग को सांता क्लॉज के साथ जोड़ा जाने लगा है।

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क्रिसमस के दिन हर कोई सांता क्लॉज से मिलना चाहता है। फिनलैंड में रोवानिएमी नाम के गांव में जहां सांता क्लॉज जैसा एक सांता रहता है। इस गांव को दुनिया में आधिकारिक रूप से सांता क्लॉज विलेज (Santa Claus Village) का दर्जा मिला हुआ है। पूरे साल लोग सांता को अपनी विशलिस्ट भी भेजते हैं। इस बार क्रिसमस पर सांता के घर में कैरल्स (Carols) गाई जा रही हैं और यहां के तमाम क्रिसमस ट्री (Christmas Tree) पर रोशनी की गई है। सांता के सहायक दुनियाभर के बच्चों को तोहफे भेजने में बहुत व्यस्त हैं। सांता को इस पते पर सांता क्लॉज, Tahtikuja 1, 96930 Rovaniemi, Finland चिट्ठी भेज सकते हैं।

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