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श्रावण अष्टमी मेले में वीरान पड़ा मां Chintpurni का दरबार, पहली बार मेले की जगह पसरा है सन्नाटा

श्रावण अष्टमी मेले में वीरान पड़ा मां Chintpurni का दरबार, पहली बार मेले की जगह पसरा है सन्नाटा

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ऊना। श्रावण नवरात्रों में श्रद्धालुओं की आवाजाही से गुलजार और माता के जयकारों से गूंजने वाला चिंतपूर्णी क्षेत्र कोरोना के चलते सुनसान पड़ा है। आज से श्रावण अष्टमी मेला (Shravan Ashtami mela) शुरू हो गया है, लेकिन 17 मार्च से बंद मंदिर के कपाट अभी भी बंद ही है। मंदिर में श्रद्धालुओं के आने पर पाबंदी है लेकिन मंदिर में पूजा अर्चना पहले की ही भांति हो रही है। श्रावण अष्टमी मेले के चलते मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है। जहां पहले इन नवरात्रों में श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लगा करती थी लेकिन आज पूरी तरह से सन्नाटा छाया हुआ है। इतिहास में पहली बार हुआ है कि माता चिंतपूर्णी को समर्पित होने वाले श्रावण नवरात्रों में मंदिर के कपाट भक्तों के लिए बन्द रखे गए हैं।

 

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माता के नवरात्र मेलों में जहां लाखों श्रद्धालु पावन पिंडी के दर्शनों को देश विदेश से चिंतपूर्णी पहुंचते थे। वहीं नवरात्रों के 9 दिन श्रद्धालुओं की आमद से मंदिर क्षेत्र में 24 घंटे रौनक रहती थी। आज जहां मन्दिर पूरी तरह बंद हैं, वहीं श्रावण अष्टमी नवरात्रों का ऐसा इतिहास रहा है कि आधी रात में भी महज कुछ देर के लिए मंदिर के कपाट बंद कर उन्हें श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तत्काल खोलना पड़ता था। माता रानी के नवरात्रों में चिंतपूर्णी से शुरू होने वाला जाम पंजाब के होशियारपुर तक लग जाता था। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि उत्तर भारत का प्रसिद्ध शक्तिपीठ चार माह से अधिक समय से भी बंद है। कोरोना वायरस के चलते मंदिर के कपाट 17 मार्च से बंद पड़े हैं। श्रावण अष्टमी मेले में दूर दूर से श्रद्धालु पैदल, साइकिल, दोपहिया और चौपहिया वाहनों में मां चिंतपूर्णी के दरबार (Chintpurni temple) पहुंचते थे लेकिन कोरोना के चलते चिंतपूर्णी मंदिर तक पहुंचने वाले विभिन्न रास्ते भी सुनसान है।

 

 

श्रावण अष्टमी मेलों में पुजारी वर्ग द्वारा पहले की तरह ही रोजाना पूजा अर्चना की जा रही है वहीँ मंदिर को रंग विरंगे फूलों और लाइटों से सजाया गया है। चिंतपूर्णी मंदिर के मुख्य पुजारी रविंद्र कालिया ने श्रद्धालुओं से घर पर ही पूजा अर्चना करने और मां चिंतपूर्णी से इस महामारी को खत्म करने की मनोकामना मांगने का संदेश दिया है। वहीं, डीसी ऊना और मंदिर ट्रस्ट के आयुक्त संदीप कुमार (Sandeep Kumar) ने कहा कि कोविड-19 (Covid-19) प्रकोप के चलते इस बार श्रावण अष्टमी मेलों को स्थगित कर दिया गया है। संदीप कुमार ने कहा कि प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को घर पर ही लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए,माता चिंतपूर्णी की पवित्र पिंडी के दर्शन करवाने की सुविधा दी जा रही है।

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