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मानसून सत्र: MLA को पेंशन तो कर्मचारियों को क्यों नहीं, CM बोले-मुशिकल काम है OPS बहाली

ओपीएस बहाली को लेकर राकेश सिंघा ने दिया विद्या उपासकों का उदाहरण

मानसून सत्र: MLA को पेंशन तो कर्मचारियों को क्यों नहीं, CM बोले-मुशिकल काम है OPS बहाली

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शिमला। हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र (Monsoon Session Himachal Vidhansabha) का आज दूसरा दिन हंगामेदार रहा। कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान दोनों पक्षों में काफी गहमागहमी देखी गई। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए ओपीएस (OPS) पर भी काफी नोकझोंक हुई। कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में कहा कि जब विधायकों और अफसरों को पेंशन दी जा सकती है तो फिर कर्मचारियों को क्यों नहीं। सुक्खू की इस बात का विधायक राकेश सिंघा (MLA Rakesh Singha) ने भी समर्थन किया और ओपीएस बहाली का रास्ता निकालने की बात कही। चर्चा का जवाब देते हुए सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में ओपीएस बहाल करना कठिन कार्य है। सीएम जयराम (CM Jai Ram Thakur) ने कहा कि राजस्थान व छत्तीसगढ़ की सरकारों ने ओपीएस बहाली का वादा तो कर दिया, लेकिन वे अब खुद स्वीकार कर रहे हैं कि इसे बहाल करना इतना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार इस मसले पर संजीदगी से कोई हल निकालना चाहती है। इसी कारण हाई पावर कमेटी का गठन किया गया है। केंद्र से भी यह मसला उठाया गया है। सीएम जयराम ने कर्मचारियों से भी निवेदन किया कि वह वस्तुस्थिति को समझें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मसले पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। विपक्ष पर पलटवार करते हुए सीएम जयराम ने कहा कि एनपीएस को लागू करने वाला हिमाचल पहला राज्य था।

यह भी पढ़ें:मानसून सत्र: अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान हंगामा, कांग्रेस विधायकों ने किया वाकआउट

 

 

राकेश सिंघा ने दिया विद्या उपासकों का उदाहरण

सिंघा ने सदन में विद्या उपासकों के उदाहरण से साबित किया कि ऐसा संभव हो सकता है। विद्या उपासक वर्ष 2000 में भर्ती हुए और 2007 में नियमित हो गए। वर्ष 2007 के बाद वे एनपीएस में आए। उन्होंने अपनी ओपीएस की लड़ाई लड़ी और अदालत के आदेश के बाद वे ओपीएस का लाभ ले रहे हैं। जब विद्या उपासकों को ये लाभ मिल सकता है तो अन्य को क्यों नहीं।

हरोली में भवन निर्माण पर बिक्रम ठाकुर और मुकेश के बीच हुई तीखी नोकझोंक

सदन में मामला उस ज्यादा गरमा गया जब उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने हरोली विधानसभा क्षेत्र में भवन निर्माण का मामला उठाया। जिस पर उनकी मुकेश अग्निहोत्री (Mukesh Agnihotri) से तीखी नोकझोंक हो गई। बिक्रम सिंह ठाकुर (Bikram Singh Thakur) ने कहा कि पूर्व सरकार में एक ही विधानसभा क्षेत्र में पैसा खर्च किया गया। हरोली में भवन बनाए गए। बस अड्डे का निर्माण किया गया। इस पर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री भड़क गए। उन्होंने कहा कि सरकार हरोली से इतनी नफरत क्यों करती है। कोरोना काल के दौरान इन्हीं भवनों में लोगों को आइसोलेट किया गया।

 

 

बिक्रम सिंह ने सुक्खू पर सीएम बनने के कसे तंज

वहीं उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर भी तंज कसे। चर्चा के दौरान जब भी सुखविंद्र सिंह सुक्खू (Sukhwinder Singh Sukhu) कुछ कहने के लिए उठने लगते बिक्रम सिंह ठाकुर उन्हें अगला सीएम कहकर चुप करा देते। सदन में ऐसा कई बार हुआ। यही नहीं बिक्रम सिंह ठाकुर ने मुकेश अग्निहोत्री को भी नहीं बख्शा। उन्होंने कहा कि मेरे से गलत बोला गया। सीएम सुक्खू नहीं बल्कि आप होंगे।

हिमाचल में खुलेंगे 13 केंद्रीय विद्यालय केंद्र को भेजा प्रस्ताव

बीजेपी विधायक नरेंद्र ठाकुर के एक सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर (Education Minister Govind Singh Thakur) ने बताया कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल में 13 केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजे हैं। जिला बिलासपुर में दो, हमीरपुर में चार, शिमला-कांगड़ा में एक-एक, मंडी में तीन और ऊना में दो विद्यालय खोलने की केंद्र सरकार से मांग की गई है।

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