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Himachal में कितनी फीस ले सकते हैं निजी स्कूल, Cabinet में होगा अंतिम निर्णय

Himachal में कितनी फीस ले सकते हैं निजी स्कूल, Cabinet में होगा अंतिम निर्णय

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शिमला। हिमाचल (Himachal) में निजी स्कूल फीस मामले में अब कैबिनेट (Cabinet) बैठक अंतिम निर्णय लेगी। आज शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से निजी स्कूल संचालक, प्रधानाचार्य और शिक्षा विभाग के उप निदेशकों के साथ बैठक की। बैठक के बाद जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि बैठक में निजी स्कूलों की फीस व एग्जिट प्लान (Exit Plan) को लेकर चर्चा हुई है। इसमें निजी स्कूलों के कुछ सुझाव भी आए हैं। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों (Private Schools) में टीचर की सेलरी भी ना रुके और अभिभावकों से फीस भी उतनी ली जाए जितनी आवश्यकता है। फीस को लेकर अभिभावकों के विचार पहले ही मिल चुके हैं। आज निजी स्कूल प्रबंधन से भी चर्चा हुई है। अब इन दोनों में एक बैलेंस बनाते हुए मामलाकैबिनेट में ले जाया जाएगा। कैबिनेट में ही अंतिम निर्णय होगा। उन्होंने कहा कि यह अपने आप में पहली बैठक थी। इसमें निजी स्कूल संचालकों के शिक्षा के क्षेत्र में एग्जिट प्लान को लेकर भी सुझाव आए हैं। साथ ही शिक्षा बोर्ड की पुस्तकों को लेकर भी चर्चा हुई। सुझाव दिया गया कि निजी स्कूल भी इन्हीं पुस्तकों से पढ़ाई करवाएंगे।

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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को सभी वर्गों व क्षेत्रों की चिंता है तथा इन विशेष परिस्थितियों में सरकार महत्वपूर्ण निर्णय लेगी, जिसमें सभी के हितों का ध्यान रखा जाएगा। बच्चों की सुरक्षा आवश्यक है, इसलिए स्कूलों को खोलने का निर्णय महत्वपूर्ण है, जिसपर विचार-विमर्श किया जा रहा है। निजी विद्यालय शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न अंग है तथा उनके महत्वपूर्ण योगदान से हिमाचल में शिक्षा का स्तर बेहतरीन हुआ है। उन्होंने विभिन्न निजी विद्यालयों के प्रमुखों को आश्वासन दिया कि उनकी जायज मांगों पर अवश्य विचार कर निर्णय लिया जाएगा।

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प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत ने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य निजी विद्यालयों की समस्याओं का समाधान निकालना तथा उनके सुझावों को निर्णय लेते समय ध्यान में रखना है। प्रदेश सरकार एक संतुलित उपाय के तहत निजी विद्यालयों तथा अभिभावकों की समस्याओं का निदान करने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन (Online) शिक्षा कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों का एक विकल्प है, न कि स्थायी व्यवस्था। इससे पूर्व, निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों तथा संचालकों ने शिक्षा मन्त्री को अपने संस्थानों में कोविड-19 के दौरान किए जा रहे उपायों, शिक्षा व्यवस्था से संबंधित मुद्दों तथा इस संकट के समय में पेश आ रही समस्याओं से अवगत करवाया। सभी प्रधानाचार्यों ने प्रदेश सरकार का सहयोग देने की सहमति जताई तथा विद्यालयों से सम्बन्धित फीस, सैनिटाइजेशन तथा विसंक्रमण जैसे विभिन्न मुद्दों पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया। बैठक का संचालन हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने किया। इस अवसर पर उपस्थित थे। बैठक में बोर्ड के सचिव अक्षय सूद, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा तथा प्रारंभिक शिक्षा निदेशक रोहित जम्वाल भी उपस्थित थे।

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