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हिमाचल के इस जिले के स्कूल बनेंगे भूकंपरोधी, एनआईटीटीटीआर से मिली अनुमति

100 स्कूलों को रेट्रोफिटिंग और आकलन के लिए प्रथम चरण में किया गया है चयन

हिमाचल के इस जिले के स्कूल बनेंगे भूकंपरोधी, एनआईटीटीटीआर से मिली अनुमति

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चंबा। हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा में दो दिवसीय भूकंप (earthquake) प्रतिरोधी निर्माण पर आधारित प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। इस दौरान डीसी चंबा दुनी चंद राणा ने कहा कि विभाग द्वारा नए भवनों के निर्माण को जोखिम प्रतिरोधी बनाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग द्वारा बनाए जाने वाले ओवर हेड टैंक का डिजाइन भी भूकंप रोधी होना चाहिए।

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डीसी चंबा राणा ने कहा कि जिला चंबा भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में आता है। ऐसे में भवन निर्माण से संबंधित सभी अभियंताओं में रेट्रोफिटिंग जैसे कौशलों का होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यशाला में केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की के विशेषज्ञों द्वारा भूकंप प्रतिरोधी भवन निर्माण की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चलाई गई योजना के तहत जिले में हर पंचायत के पांच-पांच मिस्त्रियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा,जिसमें उन्हें जोखिम प्रतिरोधी निर्माण के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया शमन कोष के तहत लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग से प्रपोजल मांगा गया है। वहीं, राज्य आपदा प्रबंधन में इस कोष को पहली बार जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग और समग्र शिक्षा अभियान की सहायता से राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर) (NITTTR) चंडीगढ़ के साथ बैठक के बाद कार्य योजना को अनुमति मिली है। जिसके तहत लगभग जिले के 100 स्कूलों के रेट्रोफिटिंग और आकलन के लिए प्रथम चरण में चयन किया गया है। वहीं, डीसी राणा ने जिला में स्कूलों के बनाए जा रहे भवनों में एनआईटी हमीरपुर द्वारा प्रमाणित स्टैंडर्ड डिजाइन का उपयोग करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने ग्रामीण विकास के अभियंताओं को सीस्मिक बैंड वाले भवनों का ही निर्माण करने के निर्देश दिए ताकि भूकंप की स्थिति में संभावित नुकसान को कम किया जा सके।

 

 

बता दें कि केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की, हिमाचल प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी व पर्यावरण परिषद और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बचल भवन में बुधवार को दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण में लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, राष्ट्रीय उच्च मार्ग, ग्रामीण विकास, समग्र शिक्षा अभियान, नगर परिषद और नगर पंचायतों के अभियंताओं ने भाग लिया।

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