अनुबंध पर प्रमोट हुए वैटरनरी फार्मासिस्टों को दो माह से नहीं मिला वेतन, मुश्किल हुआ घर चलाना

उधार मांग कर चल रहा घर खर्च, हरदम सता रही बच्चों की पढ़ाई की चिंता

अनुबंध पर प्रमोट हुए वैटरनरी फार्मासिस्टों को दो माह से नहीं मिला वेतन, मुश्किल हुआ घर चलाना

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हमीरपुर। हिमाचल के हमीरपुर जिला में पंचायत वैटरनरी असिस्टेंट (Veterinary Pharmacists ) पद से अनुबंध पर प्रमोट हुए वैटरनरी फार्मासिस्ट पिछले 2 माह से सैलरी ना मिलने से परेशान हैं। दो माह पहले जिला के 23 पंचायत वैटरनरी असिस्टेंट को प्रमोट (Promoted) कर अनुबंध पर वैटरनरी फार्मासिस्ट बनाया गया हैए लेकिन प्रमोट होने के बाद अब तक इन वैटरनरी कर्मचारियों को इनका मेहनताना नहीं मिल पाया हैए जिससे इन्हें अपना घर चलाना मुश्किल हो गया है। हालांकि इसके पीछे विभाग इन प्रमोट हुए वैटरनरी फार्मासिस्टों का आईपीओ नंबर (IPO Number) जरनेट ना होना कारण बता रहा है, लेकिन विभाग की इस तर्क-वितर्क की प्रणाली के बीच यह वैटरनरी फार्मासिस्ट पिछले 2 माह से तंगी में गुजारा करने को मजबूर हुए हैं।

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विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे फार्मासिस्ट

मेहनताना ना मिलने से वैटरनरी अस्पतालों में सेवाएं दे रहे यह फार्मासिस्ट विभाग की लापरवाही के चलते खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। नाम ना छापने की शर्त पर 2 माह पहले परमोट हुए वैटरनरी फार्मासिस्टों ने बताया कि उन्हें पंचायत वैटरनरी असिस्टेंट से अनुबंध वैटरनरी फार्मासिस्ट (Contract Veterinary Pharmacist) पर विभाग ने तैनाती तो दे दीए लेकिन विभाग हमारे काम का मेहनताना समय पर देना भूल गया है। पिछले 2 माह से हमें मेहनताना नहीं मिल पाया है। जिस कारण परिवार का लालन-पोषण करने के साथ.साथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल हो चुका है।

उधार मांग कर चल रहा गुजारा

मेहनताना न मिलने के कारण लोगों से उधार लेकर काम चलाया जा रहा है। लेकिन बार.बार गुहार लगाने के बाद भी हमें हमारा मेहनताना नहीं मिल पाया है। अब तो हालात ऐसे हो चले हैं कि सरकारी विभागों में अनुबंध पर नौकरी करने के बावजूद उधार के लिए लोगों के सामने हाथ फैलाने की मजबूरी आ गई है। उधार खाते घर का खर्च चलना तो संभव है लेकिन बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना अब हमारे लिए बड़ी परेशानी पैदा कर रहा है। बच्चों की फीस से लेकर कॉपी, पैंसिल तक का खर्च नकद होता है, लेकिन हमें अपना मेहनताना ना मिलने के कारण जेबें खाली पड़ी हुई हैं जिस कारण अब बच्चों के सामने भी हमें शर्मिंदगी महसूस करने को मजबूर होना पड़ रहा है। इन लोगों ने विभाग व सरकार से आग्रह किया है कि हमें शीघ्र-अति शीघ्र हमारा मेहनताना दिया जाए। ताकि महंगाई के इस जमाने में हमें घर चलाने के लिए लोगों के सामने हाथ न फैलाने पड़ें।

क्या कहते हैं अधिकारी

वहीं इस बारे में पशु पालन विभाग हमीरपुर (Animal Husbandry Department Hamirpur) के उपनिदेशक डॉ मनोज कुमार ने बताया कि हमीरपुर जिला में 23 पंचायत वैटरनरी असिस्टेंट प्रमोट होकर 2 माह पहले अनुबंध वैटरनरी फार्मासिस्ट बने हैं। इन वैटरनरी फार्मासिस्टों का पहले आईपीओ नंबर जरनेट हुआ था। जिस कारण समस्या पैदा हुई है। अब इनका आईपीओ नंबर जरनेट कर विभाग को भेज दिया गया है। दिसंबर माह में एक साथ दो महीने की सैलरी इनके खाते में डाली जाएगी।

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