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इटली की फेमस रेसिया झील के नीचे बसा था गांव, नेटफ्लिक्स पर भी बन चुकी है सीरीज

14वीं शताब्दी के एक चर्च की मीनार के लिए मशहूर है यह झील

इटली की फेमस रेसिया झील के नीचे बसा था गांव, नेटफ्लिक्स पर भी बन चुकी है सीरीज

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इटली में इन दिनों एक गांव चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, यह गांव झील बनने के बाद जलमग्न हो गया था। जब कई वर्षों बाद झील की मरम्मत का काम शुरू हुआ तो उसके पानी को अस्थाई रूप से सुखाया गया। इसके बाद ही लोगों के सामने दशकों से जलमग्न गांव की तस्वीर आई। बता दें कि यह लुप्त गांव रेसिया झील के नीचे जलमग्न था। रेसिया झील को जर्मन भाषा में  रेसचेन्सी के नाम से जाना जाता है। यह दक्षिण टायरॉल के अल्पाइन क्षेत्र में स्थित है, जो ऑस्ट्रिया और स्विट्जरलैंड की सीमा में है।

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गांव मिलने के बाद से इटली में स्थित ‘रेसिया झील’ (Lake Resia) लोगों के बीच चर्चा का विषय बन चुकी है। आपको बता दें कि यह झील अपने बर्फीले पानी के बीच मौजूद 14वीं शताब्दी के एक चर्च की मीनार के लिए मशहूर है। अब गांव की बात सामने आने के बाद इतिहासकार व पुरात्ववैज्ञानिक भी खोजबीन में जुट गए हैं।

 

वहीं, झील को लेकर बीबीसी की एक रिपोर्ट भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक साल 1950 में पानी में समाने से पहले क्यूरॉन नामक यह गांव सैकड़ों लोगों का घर हुआ करता थ। हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट बनाने के लिए सरकार ने यहां 71 साल पहले एक बांध का निर्माण करवाया, जिसके लिए दो झीलों को मिलाया गया और क्यूरॉन गांव जलमग्न हो गया। वहीं, इस रिपोर्ट में बताया गया कि ग्रामीणों के आपत्ति के बावजूद भी अधिकारियों ने बांध का बनाया और पास की दोनों झीलों को मिलाया। इस कारण 160 से अधिक घर जलमग्न हुए, और क्यूरॉन की आबादी विस्थापित हो गई। हालांकि, कुछ लोग आसपास नए गांव बसाकर रहने लगे थे।

इस क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाली Luisa Azzolini ने ट्विटर पर कुछ तस्वीरें शेयर की और लिखा, ‘इस ‘गांव’ के मलबे के बीच चलना एक ‘अनोखा एहसास’ था।’ उनके इस ट्वीट को न्यूज लिखे जाने तक 77 लाइक्स मिल चुके हैं। बता दें, ‘क्यूरॉन’ से इंस्पायर होकर एक किताब लिखी गई है। साथ ही, नेटफ्लिक्स ने एक सीरीज भी बनाई है। यह झील गर्मियों में हाइकर्स की पसंदीदा जगह है। जबकि सर्दियों में इसके जमने पर विजिटर्स झील पर चलकर चर्च के शिखर तक पहुंचते हैं। बता दें, दक्षिण टायरॉल पहले ऑस्ट्रिया का हिस्सा था, लेकिन प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इसपर इटली का कब्जा हो गया। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों की पहली भाषा जर्मन है।

 

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