×

दिवंगत संगीतकार #Wajid_Khan की पत्नी का आरोप- ससुराल वालों ने #धर्म_परिवर्तन को किया मजबूर

मामले में कूदीं कंगना रनौत ने पारसी परिवारों को लेकर पीएम मोदी से किया सवाल

दिवंगत संगीतकार #Wajid_Khan की पत्नी का आरोप- ससुराल वालों ने #धर्म_परिवर्तन को किया मजबूर

- Advertisement -

मुंबई। इन दिनों देश में लव जिहाद और धर्म परिवर्तन को लेकर कानून बनाने को लेकर काफी बहस छिड़ी हुई है। इसी बीच मशहूर संगीतकार दिवंगत वाजिद खान (Late musician Wajid Khan) की पत्नी कमालरुख खान ने वाजिद खान के परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम के जरिए अपनी बात लोगों के सामने रखी, जिसमें उन्होंने अंतरजातीय शादी के बाद वाजिद खान की फैमिली की ओर से किए गए उत्पीड़न (Harassment) के बारे में बात की। कमालरुख ने इंस्टाग्राम पर काफी लंबा पोस्ट लिखा है और उनके साथ हुए अत्याचार की कहानी बताई है।


कमालरुख (Kamalrukh) ने बताया है कि वह शादी करने से पहले 10 साल तक वाजिद खान के साथ रिलेशनशिप में थी। अपने अनुभव करते हुए कमालरुख ने लिखा, ‘मैं पारसी हूं और वह मुस्लिम थे। हम वही थे जिसे आप “कॉलेज स्वीटहार्ट्स” कहेंगे। आखिरकार हमारी शादी हुई, हमने स्पेशल मैरिज एक्ट (Special marriage act) के तहत प्यार के लिए शादी की थी। यही कारण है कि एंटी कनवर्जन बिल पर हो रही बहस मेरे लिए काफी दिलचस्प है। मैं एक अंतरजातीय विवाह में अपने अनुभव शेयर करना चाहती हूं कि एक महिला धर्म के नाम पर दिक्कत और भेदभाव का सामना करती है, जो पूरी तरह शर्म की बात है … और एक आंख खोलने वाली है।’

यह भी पढ़ें: #Shehnaaz ने करवाया #Bold_Photoshoot, सोशल मीडिया पर देखते रह गए Fans

कमालरुख ने यह भी आरोप लगाया, ‘मेरी साधारण पारसी परवरिश अपने बहुत लोकतांत्रिक थी। विचार की आजादी को प्रोत्साहित किया गया और खुलकर बहस को आदर्श माना जाता रहा है। हर स्तर पर एजुकेशन को प्रोत्साहित किया गया। हालांकि, शादी के बाद ये ही आजादी, शिक्षा और लोकतांत्रिक मूल्य प्रणाली मेरे पति के परिवार के लिए सबसे बड़ी समस्या थी।’ बता दें कि वाजिद खान का स्वास्थ्य खराब होने के बाद उनको 31 मई, 2020 को अस्पताल में एडमिट कराया गया और अगले ही दिन यानी 1 जून, 2020 को वाजिद खान का इंतकाल हो गया था।

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत (Actress Kangana Ranaut) ने भी इस मामले में अपना रिएक्शन दिया है। कंगना ने ट्वीट कर कहा, ” इस देश में पारसी सही में अल्पसंख्यक हैं। वह देश पर कब्जा करने नहीं आये थे वह तो तलाश में आये थे और उन्होंने बहुत आराम से भारत माता का प्यार मांगा था। हमारे देश की सुंदरता, वृद्धि और आर्थिक मामलों में उनकी छोटी सी जनसंख्या ने बहुत बड़ा योगदान दिया है। कंगना कमालरुख के लिए लिखा, ‘यह मेरे दोस्त की विधवा हैं जिन्हें परिवार द्वारा परेशान किया जा रहा है। मैं प्रधानमंत्री मोदी से पूछना चाहती हूं कि अल्पसंख्यक लोग जो ड्रामा नहीं करते, किसी का सिर कलम नहीं करते, दंगे और धर्म-परिवर्तन नहीं करते, उन्हें हम कैसे सुरक्षित रखें? पारसियों की कम होती संख्या भारत के कैरेक्टर के बारे में बड़ा खुलासा करती है।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है