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शिमला में संजौली-छराबड़ा मार्ग पर लगा 10 किमी लंबा भीषण जाम, घंटों सड़क पर रेंगते रहे वाहन
Traffic Jam Shimla: पहाड़ों की रानी शिमला में पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचते ही ट्रैफिक की समस्या विकराल रूप लेने लगी है। सोमवार सुबह राजधानी शिमला के संजौली से ढली और छराबड़ा मार्ग पर ऐसा भारी ट्रैफिक जाम लगा कि स्थानीय लोगों से लेकर पर्यटकों तक की सांसें अटक गईं। करीब 8 से 10 किलोमीटर लंबे इस जाम के कारण हालात इतने खराब हो गए कि जो सफर आम दिनों में महज 10 से 15 मिनट में पूरा हो जाता था, उसे तय करने में लोगों को दो-दो घंटे का समय लग गया।
एंबुलेंस से लेकर स्कूली बच्चे तक हुए परेशान
सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। इस भीषण जाम का असर हर वर्ग पर पड़ा। जाम के बीच कई एंबुलेंस और स्कूली बच्चों से भरे वाहन घंटों तक फंसे रहे, जिससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। छुट्टियां मनाने आए पर्यटकों को गर्मी और धूल के बीच अपनी गाड़ियों में लंबा इंतजार करना पड़ा। कई परेशान यात्रियों ने जाम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए प्रशासन की ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए और बेहतर प्रबंधन की मांग की।
क्यों लगे वाहनों के पहियों पर ब्रेक?
इस भारी जाम के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण सामने आए हैं। पहला तो वीकेंड और पर्यटन सीजन के कारण शिमला में पर्यटकों की आवाजाही में भारी इजाफा हुआ है, जिससे सड़कों पर वाहनों का दबाव क्षमता से अधिक हो गया है। संजौली-ढली मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण सड़क के कई हिस्सों में ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ जाती है, जो इस महाजाम का एक प्रमुख कारण बना।
देर दोपहर तक सुधरे हालात
स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन सीजन में इस मार्ग पर अक्सर जाम लगता है, लेकिन इस बार स्थिति हद से ज्यादा खराब हो चुकी है। लोगों ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि ट्रैफिक व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए और आपात स्थिति के लिए वैकल्पिक मार्गों की बेहतर व्यवस्था की जाए। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और ट्रैफिक कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। हालांकि, वाहनों की तादाद इतनी ज्यादा थी कि जाम खुलवाने में काफी वक्त लग गया। कड़ी मशक्कत के बाद देर दोपहर तक यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो पाया, लेकिन तब तक हजारों लोग इस जाम की भारी कीमत चुका चुके थे।
संजू चौधरी
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